Aligarh Ring Road: अलीगढ़वासियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है. शहर में लगातार बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने और आवागमन को सुगम बनाने के लिए 33.38 किलोमीटर लंबे रिंग रोड के निर्माण को हरी झंडी मिल गई है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (निदेशक शेख अमीन खान) द्वारा इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है.यह रिंग रोड फोर/सिक्स लेन (4/6 Lane) का ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे होगा, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
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दिल्ली-आगरा-कानपुर के यात्रियों को होगा सीधा फायदा
वर्तमान में दिल्ली, आगरा, मथुरा, एटा, कानपुर और लखनऊ की ओर से आने वाले भारी वाहनों को अलीगढ़ शहर के भीतर से होकर गुजरना पड़ता है.इससे शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त बाजारों में अक्सर भारी जाम लग जाता है.रिंग रोड बनने के बाद बाहरी व भारी वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश करने की जरूरत नहीं होगी.वे सीधे बाईपास के जरिए अपने गंतव्य की ओर निकल सकेंगे.शहर के भीतर भारी वाहनों का प्रवेश बंद होने से स्थानीय स्तर पर प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी.
गभाना से शुरू होकर हरदुआगंज तक जुड़ेगा रूट
परियोजना निदेशक शेषनाथ यादव के अनुसार, इस प्रस्तावित रिंग रोड की शुरुआत तहसील गभाना के जीटी रोड स्थित पला सल्लू क्षेत्र से होगी.इसके बाद यह शहर के बाहरी हिस्सों और विभिन्न ग्रामीण इलाकों को जोड़ते हुए कोल तहसील के हरदुआगंज में जाकर समाप्त होगा.वर्तमान में भांकरी से बौनेर तक बना बाईपास सिर्फ एक ‘हाफ मिनी रोड’ के रूप में काम कर रहा है, लेकिन नया रिंग रोड शहर को चारों तरफ से एक बेहतरीन कनेक्टिविटी देगा.
इन 37 गांवों से होकर गुजरेगा रिंग रोड (रूट मैप)
यह महत्वाकांक्षी परियोजना कोल और गभाना तहसील के कुल 37 गांवों की जमीनों से होकर गुजरेगी. पला सल्लू, कोरह रुस्तमपुर, कोइल, सांगौर, गिरधरपुर, खेडिया हैवत खां, कलुआ, दाउदपुर कोटा, सुम्मेरपुर, समस्तपुर कोटा, अमरौली, कस्तरी वैश्य, पला मजरा कस्तरी वैश्य, चन्दोखा, छेरत सुडियाल, साथा, खेरूपुरा, सपेरा भानपुर, किढ़ारा, जटपुरा, बरौठ, मोरथल, मोहनपुर, नयाबांस नरेन्द्रगढ़ी, आजमाबाद माछुआ, सिकन्दरपुर माछुआ, खान आलमपुर, इमलानी, मई, महमूदपुर जमालपुर, चंगेरी, भोजपुर, अलहदादपुर, पनैठी, अदौन, जलूपुर सिहोर, बरौठा और हरदुआगंज का नाम है.
प्रभावित गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री और बैनामे पर रोक
अधिसूचना जारी होने के साथ ही प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में जमीन से जुड़े मामलों पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है.विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी अतुल गुप्ता ने बताया कि पारदर्शिता बनाए रखने और मुआवजे के विवादों से बचने के लिए कोल व गभाना तहसील के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं.
अब इन 37 गांवों में निम्नलिखित कार्यों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की अनापत्ति (NOC) लेना अनिवार्य होगा.
भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU)
बैनामा और नामांतरण (Mutation)
नई कॉलोनी का विकास
जमीन को बंधक रखना या विनिमय (Exchange) करना
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इस रिंग रोड के निर्माण से अलीगढ़ के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को एक नई दिशा मिलेगी और शहरवासियों को दशकों पुरानी जाम की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी.
Source: News On Air


