लखनऊ/कानपुर: उत्तर प्रदेश के दो बड़े और ऐतिहासिक शहरों, लखनऊ और कानपुर के बीच का सफर अब बेहद आसान, सुरक्षित और तेज होने जा रहा है. सोमवार को देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ₹4,700 करोड़ की लागत से बने 63 किलोमीटर लंबे और 6-लेन लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे (NE-6) का भव्य उद्घाटन किया.
इस एक्सप्रेस-वे के चालू होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र 35 से 40 मिनट रह जाएगा, जिसमें पहले 1.5 से 3 घंटे का समय लगता था. उद्घाटन के अगले ही दिन, यानी मंगलवार 14 जुलाई से इस एक्सप्रेस-वे पर टोल टैक्स की वसूली शुरू कर दी गई है. रक्षा मंत्री के प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल की आधिकारिक दरें जारी कर दी हैं.
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वाहनों के अनुसार टोल टैक्स की दरें
एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले विभिन्न वाहनों के लिए तय की गई दरें इस प्रकार हैं. वाहन का प्रकार एक तरफ का शुल्क (One Way) 24 घंटे में वापसी (Round Trip)
कार, जीप, वैन, एसयूवी ₹275 ₹415 (₹135 की बचत)
हल्के कमर्शियल वाहन ₹445 ₹670
बस और ट्रक ₹935 ₹1405
भारी वाहन (Heavy Vehicles) ₹1020 ₹1530
नियमित यात्रियों के लिए खास तोहफा
रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की जेब का ख्याल रखते हुए NHAI ने एक खास सालाना फास्टैग पास (Annual Fastag Pass) पेश किया है. इसकी कीमत ₹3,075 रखी गई है, जिसके जरिए साल में 200 बार टोल पार किया जा सकेगा.
सफर से जुड़ी कुछ अहम बातें
एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है.
सुरक्षा के लिहाज से दोपहिया वाहनों (बाइक/स्कूटर) को इस एक्सप्रेस-वे पर एंट्री नहीं दी जाएगी.
टोल का भुगतान पूरी तरह से फास्टैग (Fastag) के जरिए डिजिटल मोड में होगा.
इस रूट पर कुल 5 टोल प्लाजा बनाए गए हैं, लेकिन आउटर रिंग रोड से जुड़ने वाले टोल पर फिलहाल टैक्स नहीं लगेगा. अभी सिर्फ 4 टोल प्लाजा पर ही शुल्क लिया जाएगा.
विकास और उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तार
यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ, उन्नाव और कानपुर इन तीन प्रमुख जिलों को आपस में जोड़ता है. लखनऊ जहां प्रदेश की सांस्कृतिक और प्रशासनिक राजधानी है, वहीं कानपुर औद्योगिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र है. ये दोनों ही शहर ‘उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर’ के भी महत्वपूर्ण हिस्से हैं.
इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से न केवल बड़े शहरों बल्कि आसपास के छोटे कस्बों और गांवों तक भी विकास की रोशनी पहुंचेगी, जिससे आने वाले समय में व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. इसके साथ ही, सोमवार को लखनऊ-हरदोई 4-लेन एक्सप्रेस-वे का भी उद्घाटन किया गया, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलेगी.


