दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजधानी में विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है. जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कड़े कदम उठाए हैं. DMRC ने शुक्रवार दोपहर बड़ा अपडेट देते हुए ‘नई दिल्ली’ मेट्रो स्टेशन को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया है. इसके साथ ही अब राजधानी में बंद मेट्रो स्टेशनों की कुल संख्या 18 हो गई है.
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नई दिल्ली स्टेशन पर इंटरचेंज सुविधा भी ठप
DMRC के अनुसार, बंद किए गए नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों के लिए इंटरचेंज की सुविधा भी उपलब्ध नहीं रहेगी. इससे पहले सुबह प्रशासन की ओर से 17 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का आदेश जारी किया गया था. बंद किए गए प्रमुख स्टेशनों में राजीव चौक, लोक कल्याण मार्ग, पटेल चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, सुप्रीम कोर्ट, आईटीओ, खान मार्केट, और झंडेवालान जैसे व्यस्त स्टेशन शामिल हैं. DMRC ने स्पष्ट किया है कि राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय स्टेशनों पर केवल ट्रेन बदलने (इंटरचेंज) की सुविधा जारी रहेगी, हालांकि प्रवेश और निकास द्वार सुरक्षा कारणों से नियंत्रित या बंद रहेंगे.
3 दिनों से यात्री परेशान
प्रदर्शनों और सुरक्षा इंतजामों के चलते दिल्ली में पिछले तीन दिनों से मेट्रो यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. बुधवार और बृहस्पतिवार को भी कई मुख्य स्टेशन लंबे समय तक बंद रहे, जिसके कारण दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और आम यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है.
सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त, पर सीजेपी का प्रदर्शन जारी
उधर, जंतर-मंतर पर शिक्षाविद एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के बाद अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया है. उन्होंने अपने इस कदम को “जवाबदेही की शुरुआत” करार दिया. वांगचुक ने बताया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा को लेकर सरकार व विभिन्न दलों के सांसदों से मिले आश्वासन के बाद ही उन्होंने अनशन खत्म किया. उन्होंने केंद्र के साथ जारी बातचीत के कारण अपना अनशन दो दिन और बढ़ाया था.
हालांकि, वांगचुक के अनशन समाप्ति के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन खत्म नहीं हुआ है. पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा.


