गुजरात में मानसून का असर लगातार बना हुआ है और राज्य के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है. मौसम विभाग ने आज उत्तर गुजरात और अन्य संवेदनशील जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है.
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, इस मानसून सीजन में गुजरात में अब तक सामान्य औसत से 52 प्रतिशत से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है. लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है.
इन जिलों के लिए जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट
आज वाव-थराद, बनासकांठा, साबरकांठा, मेहसाणा और भावनगर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं उत्तर गुजरात के पाटन, मेहसाणा, वाव-थराद और बनासकांठा जिलों में व्यापक रूप से भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश हो सकती है. इसे देखते हुए संबंधित जिलों के प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है और राहत एजेंसियों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.
जुलाई में कई जिलों में सामान्य से कहीं अधिक बारिश
इस वर्ष जुलाई महीने में गुजरात के कई जिलों में सामान्य औसत की तुलना में काफी अधिक वर्षा दर्ज की गई है. राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार सक्रिय मानसून के कारण बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है.
आंकड़ों के अनुसार, वलसाड में जुलाई 2025 की औसत वर्षा का 93 प्रतिशत, नवसारी में 97 प्रतिशत, डांग में 71 प्रतिशत, सूरत में 81 प्रतिशत, अहमदाबाद में 66 प्रतिशत और अमरेली में 63 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है. इससे स्पष्ट है कि राज्य के कई क्षेत्रों में इस बार मानसून सामान्य से अधिक सक्रिय बना हुआ है.
पाटन जिले में 24 घंटे में 15 इंच बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक वर्षा पाटन जिले के संतालपुर तालुका में दर्ज की गई, जहां करीब 15 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई.
लगातार हो रही तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.
42 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
भारी बारिश और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अब तक करीब 42 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है.
प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्बहाली का कार्य लगातार जारी है. स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन टीमें और अन्य संबंधित एजेंसियां लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने में जुटी हुई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके.
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने की स्थिति की समीक्षा
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार देर शाम गांधीनगर स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र का दौरा कर राज्य में बारिश की स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा की.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जाए तथा लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. साथ ही मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर रखते हुए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें.
स्रोत: राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र, गुजरात एवं मौसम विभाग.


