UP Weather Update 28 July 2026: उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ द्वारा जारी नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार 28 जुलाई 2026 से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है. कई क्षेत्रों में गरज-चमक, वज्रपात और भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग का कहना है कि मानसूनी सक्रियता बढ़ने के कारण अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की संभावना है.
28 जुलाई 2026 (मंगलवार): लगभग पूरे प्रदेश में बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 28 जुलाई को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में लगभग सभी स्थानों पर वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की बहुत अधिक संभावना है. इस दौरान कई इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात की घटनाएं हो सकती हैं. पश्चिमी और पूर्वी यूपी में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है.
29 जुलाई 2026 (बुधवार): बारिश और वज्रपात का असर जारी
29 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगभग सभी स्थानों पर तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. मौसम विभाग ने पश्चिमी यूपी में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा और पूर्वी यूपी में कहीं-कहीं भारी वर्षा की चेतावनी दी है.
30 जुलाई 2026 (गुरुवार): कुछ इलाकों में राहत, कई स्थानों पर बारिश जारी
30 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. पश्चिमी यूपी में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए इस दिन कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है.
31 जुलाई 2026 (शुक्रवार): सीमित क्षेत्रों में बारिश के आसार
31 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. दोनों क्षेत्रों के लिए इस दिन कोई मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है.
28 से 31 जुलाई तक का मौसम पूर्वानुमान
| दिनांक | दिन | पश्चिमी उत्तर प्रदेश | पूर्वी उत्तर प्रदेश | चेतावनी |
|---|---|---|---|---|
| 28 जुलाई 2026 | मंगलवार | लगभग सभी स्थानों पर बारिश | लगभग सभी स्थानों पर बारिश | भारी से बहुत भारी वर्षा, वज्रपात |
| 29 जुलाई 2026 | बुधवार | लगभग सभी स्थानों पर बारिश | अनेक स्थानों पर बारिश | भारी से बहुत भारी वर्षा, वज्रपात |
| 30 जुलाई 2026 | गुरुवार | अनेक स्थानों पर बारिश | कुछ स्थानों पर बारिश | पश्चिमी यूपी में भारी वर्षा संभव |
| 31 जुलाई 2026 | शुक्रवार | अनेक स्थानों पर बारिश | कुछ स्थानों पर बारिश | कोई चेतावनी नहीं |
मौसम का संभावित असर
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. शहरी क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हो सकता है. ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भरने से खरीफ फसलों को लाभ मिल सकता है, हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान का जोखिम भी रहेगा. बिजली गिरने और तेज मेघगर्जन के कारण खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी. तापमान में गिरावट आने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है.
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें.
- बारिश के समय अनावश्यक यात्रा से बचें.
- जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन सावधानी से चलाएं.
- मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें.
- किसान खेतों में कार्य करते समय बिजली गिरने की चेतावनी को गंभीरता से लें.
- मोबाइल में मौसम अलर्ट सेवा सक्रिय रखें.
विशेषज्ञों की राय
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के चलते उत्तर प्रदेश में व्यापक वर्षा की स्थिति बनी हुई है. अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. विशेष रूप से 28 और 29 जुलाई को मौसम सबसे अधिक सक्रिय रहने की संभावना है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ.
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FAQ
1. उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश कब होने की संभावना है?
28 और 29 जुलाई 2026 को राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा और कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
2. क्या 28 जुलाई को पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश होगी?
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगभग सभी स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की बहुत संभावना है.
3. किन दिनों में वज्रपात का खतरा अधिक है?
28, 29 और 30 जुलाई को मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना बनी हुई है.
4. क्या तापमान में गिरावट आएगी?
हां. मानसूनी सक्रियता बढ़ने के कारण अगले 2 से 3 दिनों में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट संभव है.
5. किसानों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
किसानों को बिजली चमकने और मेघगर्जन के दौरान खेतों में काम करने से बचना चाहिए तथा स्थानीय मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखनी चाहिए.


