उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाओं के चलते चारधाम यात्रा को मंगलवार और बुधवार के लिए अस्थायी रूप से रोक दिया गया है. प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है. राज्य के कई पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कें बाधित हैं और मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है.
गढ़वाल मंडल प्रशासन के अनुसार, मौसम की स्थिति सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित होने के बाद ही चारधाम यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लिए बिना यात्रा शुरू न करें.
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भूस्खलन और खराब मौसम के चलते लिया गया फैसला
लगातार मानसूनी बारिश के कारण उत्तराखंड के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कई प्रमुख मार्ग प्रभावित हुए हैं. तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की चारधाम यात्रा को फिलहाल दो दिनों के लिए रोकने का निर्णय लिया है.
गढ़वाल मंडल के आयुक्त ने कहा कि मौसम में सुधार होने और रास्ते पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद यात्रा को फिर से शुरू किया जाएगा.
यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील
प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी ताजा अपडेट जरूर देखें.
अधिकारियों का कहना है कि खराब मौसम के दौरान यात्रा करने से अनावश्यक जोखिम बढ़ सकता है. इसलिए यात्रियों को केवल आधिकारिक सलाह के आधार पर ही अपनी यात्रा की योजना बनानी चाहिए.
कई जिलों में IMD का ऑरेंज अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों में उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल जिलों में बिजली चमकने के साथ भारी बारिश होने की संभावना है. लगातार वर्षा के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और अन्य मौसम संबंधी घटनाओं का खतरा बढ़ गया है.
लोगों को नदियों और पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह
राज्य प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें.
इसके अलावा गैर-जरूरी यात्रा से बचने और पहाड़ी मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने की भी सलाह दी गई है. अधिकारियों ने कहा है कि सभी लोग मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें.
स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी रहेंगे बंद
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में मंगलवार को सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है.
प्रशासन का कहना है कि यह कदम बच्चों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर उठाया गया है.
टोंस नदी पर बने नए पुल को भी पहुंचा नुकसान
लगातार बारिश का असर बुनियादी ढांचे पर भी देखने को मिला है. प्रेम नगर के नंदा की चौकी में टोंस नदी पर बने नए पुल को नुकसान पहुंचा है.
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इससे देहरादून, विकासनगर और पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के बीच यातायात संपर्क प्रभावित हो गया है. प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट और प्रशासनिक निर्देशों का ही पालन करें.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), उत्तराखंड प्रशासन.


