Ayodhya News: अयोध्या स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया विश्वविद्यालय के 31 में दीक्षांत समारोह के अंतर्गत पीएम श्री प्राथमिक महाविद्यालय मुमताज नगर में विश्वविद्यालय द्वारा भाषण, कहानी और चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में किया गया. कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न प्रकार की प्रस्तुतियां भी की गई. कुलपति ने छात्र-छात्राओं की द्वारा बनाई गई कलाकृतियो का अवलोकन कर उनसे संवाद भी किया.
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों और कक्षाओं की सीमाओं में सिमटी नहीं है, बल्कि संस्कृति, कला और अभिव्यक्ति का संगम ही एक विद्यार्थी का संपूर्ण विकास तय करता है. जब एक बालक चित्रकला में रंग भरता है, भाषण में अपने विचार रखता है. पारंपरिक गीत, सांस्कृतिक धरोहर को सुर देता है, तो वह केवल प्रतियोगिता में भाग नहीं ले रहा होता, बल्कि अपनी जड़ों और अपनी अंतर्निहित क्षमताओं से जुड़ रहा होता है. स्वस्थ वातावरण प्रदान करने से प्रतिभाएं निर्मित होती हैं.
प्राथमिक और कंपोजिट स्तर पर छिपी यह प्रतिभा ही देश का भविष्य है. हमारा दायित्व है, कि हम इस हुनर को पहचानें, इसे सही दिशा दें और बच्चों के मन से मंच का भय दूर करें. जब गाँव और प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे आत्मविश्वास के साथ अपनी संस्कृति और विचारों को व्यक्त करते हैं, तो यही सच्ची समावेशी शिक्षा और विश्वविद्यालय का समाज से गहरा जुड़ाव साबित होता है.
पारंपरिक गीत’ जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्थानीय लोक-संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन पर ध्यान देने की आवश्यकता है. कुलपति ने छात्र-छात्राओं की प्रतिभा का मूल्यांकन करते हुए कहा कि भाषण, चित्रकला और कहानी प्रतियोगिताओं को रचनात्मकता व बौद्धिक क्षमता के विकास का माध्यम बनाना चाहिए. और जमीनी स्तर (प्राथमिक विद्यालयों) पर छिपी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें विश्वविद्यालयीय स्तर तक प्रोत्साहन देना है.
विभिन्न प्रतियोगिताओं में चयनित छात्राओं को दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति द्वारा पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाएगा. अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं अंगवस्त्रम भेंट कर किया गया. कार्यक्रम का संचालन प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक सदक हुसैन द्वारा किया गया. इस अवसर पर प्रो हिमांशु शेखर सिंह, प्रो. नीलम पाठक, प्रो. सुरेन्द्र मिश्र, प्रधानाध्यापक अख्तर बानो उपस्थित रहे.


