UP Weather Update 1 August 2026: उत्तर प्रदेश में अगस्त की शुरुआत बारिश के साथ होने जा रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 7 दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 1 अगस्त से 6 अगस्त 2026 तक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी. 3 अगस्त से मौसम और अधिक सक्रिय होने के संकेत हैं. खासतौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 अगस्त से तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 अगस्त से कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है.
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1 अगस्त से उत्तर प्रदेश का मौसम कैसा रहेगा
मौसम विभाग के अनुसार, आज 1 अगस्त, शनिवार को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. वैसे इस दिन किसी भी क्षेत्र के लिए कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है. सामान्य मानसूनी गतिविधियां बनी रहने के आसार हैं.
अगले 7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान
| तारीख | दिन | पश्चिमी उत्तर प्रदेश | पूर्वी उत्तर प्रदेश |
|---|---|---|---|
| 01 अगस्त 2026 | शनिवार | कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें | कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें |
| 02 अगस्त 2026 | रविवार | कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक | अनेक स्थानों पर बारिश और गरज-चमक |
| 03 अगस्त 2026 | सोमवार | लगभग सभी स्थानों पर बारिश और गरज-चमक | लगभग सभी स्थानों पर बारिश और गरज-चमक |
| 04 अगस्त 2026 | मंगलवार | लगभग सभी स्थानों पर बारिश और गरज-चमक | लगभग सभी स्थानों पर बारिश और गरज-चमक |
| 05 अगस्त 2026 | बुधवार | अनेक स्थानों पर बारिश और गरज-चमक | लगभग सभी स्थानों पर बारिश और गरज-चमक |
| 06 अगस्त 2026 | गुरुवार | अनेक स्थानों पर बारिश और गरज-चमक | लगभग सभी स्थानों पर बारिश और गरज-चमक |
कब से बढ़ेगा भारी बारिश का खतरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 अगस्त, सोमवार से 5 अगस्त, बुधवार तक कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 अगस्त, रविवार से 6 अगस्त, गुरुवार तक कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है. इससे निचले इलाकों में जलभराव, ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची सड़कों पर परेशानी और छोटे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी स्थितियां बन सकती हैं.
लोगों पर क्या असर पड़ सकता है
लगातार बारिश के कारण शहरों में जलभराव और ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित हो सकती है. ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है. बिजली गिरने और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर मौजूद लोगों के लिए जोखिम बढ़ सकता है. जिन इलाकों में भारी वर्षा होगी वहां दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं.
किसानों के लिए क्या संकेत हैं
बारिश धान समेत खरीफ फसलों के लिए लाभदायक हो सकती है, पर जिन क्षेत्रों में भारी वर्षा होगी वहां खेतों में अत्यधिक जलभराव से नुकसान की आशंका भी रहेगी. किसान खेतों की जल निकासी व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है.
इन सावधानियों का रखें ध्यान
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें.
- भारी बारिश के समय अनावश्यक यात्रा से बचें.
- जलभराव वाले मार्गों पर वाहन सावधानी से चलाएं.
- मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.
- खेतों और खुले क्षेत्रों में काम कर रहे लोग बिजली चमकने पर सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाएं.
1 अगस्त से उत्तर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां लगातार सक्रिय रहने की संभावना है. सप्ताह के मध्य तक कई हिस्सों में व्यापक बारिश देखने को मिल सकती है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 अगस्त से और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 अगस्त से कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए और आवश्यक सावधानियां अपनानी चाहिए.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग, 7 दिवसीय मौसम पूर्वानुमान और मौसम चेतावनी बुलेटिन, उत्तर प्रदेश (जारी पूर्वानुमान तालिका के आधार पर).
FAQs
Q1. 1 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश का मौसम कैसा रहेगा?
1 अगस्त, शनिवार को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है.
Q2. भारी बारिश की शुरुआत कब से हो सकती है?
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 अगस्त, रविवार से और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 अगस्त, सोमवार से कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है.
Q3. क्या पूरे उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश होगी?
पूर्वानुमान के अनुसार 3 से 6 अगस्त के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं.
Q4. लोगों को सबसे ज्यादा किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें, जलभराव वाले रास्तों से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें.
Q5. क्या किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद होगी?
सामान्य बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है, लेकिन भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव से फसलों को नुकसान का जोखिम भी रहेगा.


