Bank Deposit Interest Rate: अपनी गाढ़ी कमाई बैंकों में जमा करने वाले आम और थोक जमाकर्ताओं के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. बता दें कि केंद्रीय बैंक ने सभी वाणिज्यिक और सहकारिता बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि एक ही दिन समान राशि की जमा स्वीकार की जाती है, तो उस पर अलग-अलग शाखाओं में अलग-अलग ब्याज दर देना अब स्वीकार्य नहीं होगा.
आरबीआई के संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार, जमा (डिपॉजिट) और थोक जमा (Bulk Deposit) पर दी जाने वाली ब्याज दरें बैंक की वेबसाइट पर पहले से घोषित दरों के अनुरूप ही होंगी. यदि किसी बैंक ने एक ही दिन समान राशि की जमा स्वीकार की है, तो उस पर अलग-अलग ब्याज दर देना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा.
सुबह 10:10 बजे तक वेबसाइट पर अपडेट करनी होंगी ब्याज दरें
आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे प्रत्येक कारोबारी दिन सुबह 10 बजे तक अपनी वेबसाइट पर थोक जमा की ब्याज दरें सार्वजनिक करें. तकनीकी कारणों को देखते हुए अधिकतम 10 मिनट की छूट दी गई है, यानी सुबह 10:10 बजे तक दरें अपडेट करना अनिवार्य होगा.
एलसीआर के तहत सीमित छूट
केंद्रीय बैंक ने लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (LCR) ढांचे के तहत थोक जमा पर अलग-अलग ब्याज दर देने की सीमित अनुमति भी दी है. हालांकि, यह अंतर केवल वैध वित्तीय मानकों के आधार पर ही स्वीकार होगा.
आरबीआई ने बताया कि ये नियम जून 2026 में जारी मसौदा दिशानिर्देशों पर हितधारकों से मिली प्रतिक्रियाओं के बाद अंतिम रूप दिए गए हैं. नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे.
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जिला सहकारी बैंक पर लगा जुर्माना
इस बीच, आरबीआई ने बैंकिंग नियमों के उल्लंघन के मामले में राजनांदगांव जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) सुधीर सोनी के अनुसार, नाबार्ड के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बैंक ने कर्मचारियों के 143 खातों में निर्धारित सीमा से 1 प्रतिशत अधिक ब्याज का भुगतान किया था. बैंक ने 106 खातों को बंद कर करीब 3.93 लाख रुपये की वसूली भी कर ली थी, लेकिन इसके बावजूद 23 जुलाई को आरबीआई ने जुर्माना लगाया, जिसका भुगतान बैंक द्वारा कर दिया गया है.


