मणिपुर सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत राज्य में खाद्यान्न वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने बताया कि राज्य की सभी 2,532 उचित मूल्य (फेयर प्राइस) दुकानों को इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ePOS) मशीनों से लैस कर दिया गया है. इससे बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और खाद्यान्न वितरण की रियल-टाइम निगरानी संभव हो गई है.
विभाग का कहना है कि इन तकनीकी सुधारों से पात्र लाभार्थियों तक खाद्यान्न की पारदर्शी और समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित होगी. इसके साथ ही सरकार स्थानीय धान खरीद को बढ़ावा देने और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए भी कई कदम उठा रही है.
सभी राशन दुकानों में ePOS मशीनें स्थापित
इंफाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग के निदेशक ने बताया कि राज्य की 2,532 फेयर प्राइस शॉप्स में ePOS मशीनें स्थापित कर दी गई हैं.
इन मशीनों के माध्यम से लाभार्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाता है, जिससे खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता बढ़ी है और वितरण प्रक्रिया की रियल-टाइम मॉनिटरिंग भी संभव हुई है.
जल्द शुरू होगा आधुनिक राइस मिल
विभाग ने जानकारी दी कि SASCI परियोजना के तहत स्थापित किया जा रहा चार मीट्रिक टन प्रति घंटा क्षमता वाला राइस मिल अंतिम चरण में है और जल्द ही तैयार हो जाएगा.
सरकार के अनुसार, इस परियोजना से विकेंद्रीकृत धान खरीद को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा और राज्य की बाहरी राज्यों से चावल पर निर्भरता कम होगी.
आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर लगातार निगरानी
राज्य सरकार ने बताया कि राज्य स्तरीय मूल्य निगरानी समिति (State Level Price Monitoring Committee) नियमित रूप से 18 आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नजर रख रही है.
इसका उद्देश्य बाजार में मूल्य स्थिरता बनाए रखना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है.
तकनीक के जरिए मजबूत होगी खाद्य सुरक्षा
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने कहा कि सरकार खाद्य सुरक्षा, उपभोक्ता संरक्षण और पारदर्शी सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए तकनीक का अधिकाधिक उपयोग कर रही है.
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विभाग का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था से खाद्यान्न वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी होगी और पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचेगा.
स्रोत: मणिपुर उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग.


