MP Weather Update 2 August 2026: मध्य प्रदेश में आज 2 अगस्तरविवार को भी मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), भोपाल के बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, कहीं-कहीं भारी वर्षा, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है. किसानों के लिए भी विशेष सलाह जारी की गई है ताकि फसलों और पशुधन को मौसम के प्रभाव से सुरक्षित रखा जा सके.
प्रदेश में क्यों सक्रिय है बारिश का दौर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उससे सटे क्षेत्रों पर बना सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र अब कमजोर होकर निम्न दाब क्षेत्र में बदलने होने की संभावना है. इसके साथ जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 7.6 किलोमीटर तक फैला हुआ है. मानसून ट्रफ जैसलमेर, दक्षिण-पूर्व राजस्थान, निम्न दाब क्षेत्र के केंद्र, टीकमगढ़, डेहरी, मालदा होते हुए मणिपुर तक फैला है. इसके अलावा एक ऊपरी हवा का चक्रवात दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पश्चिम बिहार तक फैला हुआ है. इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में व्यापक वर्षा की स्थिति बनी हुई है.
कहां होगी बारिश
| मौसम की स्थिति | प्रभावित क्षेत्र |
|---|---|
| कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ वर्षा | भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, अशोकनगर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा |
| कुछ स्थानों पर वर्षा | खरगोन, बड़वानी, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मुरैना जिले |
| अनेक स्थानों पर वर्षा | राजगढ़, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, शिवपुरी और श्योपुरकलां जिले |
इन जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने राजगढ़, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, शिवपुरी और श्योपुरकलां जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा, वज्रपात तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक की झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई है. इन क्षेत्रों में जलभराव, दृश्यता कम होने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है.
भोपाल में आज का मौसम
भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में सामान्यतः आसमान मध्यम रूप से बादलों से ढका रहेगा. गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ वर्षा होने की संभावना है. हवा की गति 14 से 16 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है. अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.
बारिश का संभावित असर
- निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है.
- तेज हवाओं से कमजोर पेड़, बिजली के खंभे और अस्थायी ढांचे प्रभावित हो सकते हैं.
- वज्रपात के दौरान खुले स्थानों पर मौजूद लोगों के लिए खतरा बढ़ सकता है.
- ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों और खेतों में आवाजाही प्रभावित हो सकती है.
- कुछ स्थानों पर यातायात धीमा पड़ सकता है.
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
- गरज-चमक के समय खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें.
- मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें.
- मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बिजली के उपकरणों का उपयोग सावधानी से करें.
- जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन धीरे चलाएं.
- मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.
किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
- खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें ताकि फसलों में जलभराव न हो.
- तेज हवाओं की आशंका वाले क्षेत्रों में सब्जियों, बेलदार पौधों और फलदार पौधों को सहारा दें.
- कटाई की गई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें.
- पशुओं को सुरक्षित और सूखे आश्रय में रखें तथा बिजली गिरने के दौरान खुले में न बांधें.
- मौसम की नवीनतम जानकारी के आधार पर कृषि कार्यों की योजना बनाएं.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम केंद्र भोपाल. किसान मौसम बुलेटिन.
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FAQs
1. 2 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश किन जिलों में हो सकती है?
राजगढ़, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, शिवपुरी और श्योपुरकलां में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है.
2. क्या तेज हवाओं का भी अलर्ट जारी किया गया है?
हां. कुछ जिलों में 40 से 50 किमी/घंटा तक की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.
3. भोपाल में 2 अगस्त का मौसम कैसा रहेगा?
भोपाल में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और 29/23 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान रहने का अनुमान है.
4. किसानों को इस मौसम में क्या करना चाहिए?
खेतों में जल निकासी बनाए रखें, फसलों को सहारा दें, कटी हुई उपज सुरक्षित रखें और पशुओं को सुरक्षित आश्रय में रखें.
5. क्या इस दौरान यात्रा करना सुरक्षित रहेगा?
यदि आवश्यक न हो तो भारी बारिश और वज्रपात के दौरान यात्रा टालना बेहतर है. बाहर निकलने पर मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें.


