आगरा: ताजनगरी आगरा में यमुना नदी के किनारे की तस्वीर बदलने की तैयारी शुरू हो गई है. योगी सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है. इसी कड़ी में झलकारी बाई चौराहे से लेकर वेदांत मंदिर के पास यमुना बैंक साइड तक एक भव्य और आधुनिक पार्क विकसित किया जा रहा है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 जुलाई 2026 को किया था.
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अमृत 2.0 के तहत 3.46 करोड़ रुपये होंगे खर्च
यमुना किनारे विकसित होने वाले इस पार्क को अमृत 2.0 योजना के तहत तैयार किया जा रहा है. परियोजना पर करीब 3.46 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. वर्तमान में अविकसित और कचरे से प्रभावित इस क्षेत्र को हरे-भरे और व्यवस्थित ग्रीन जोन के रूप में विकसित किया जाएगा. पार्क में लोगों के घूमने और मॉर्निंग वॉक के लिए 1500 मीटर लंबा और 1.5 मीटर चौड़ा पाथवे बनाया जाएगा. इसके साथ ही करीब 200 वर्ग मीटर में ओपन जिम, फाउंटेन, आकर्षक लाइटिंग और बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था होगी.
100-150 लोगों की क्षमता वाला एम्फीथिएटर
परियोजना की खासियत इसका ओपन-एयर एम्फीथिएटर होगा. करीब 300 वर्ग मीटर में बनने वाले इस एम्फीथिएटर में 100 से 150 लोगों के बैठने की क्षमता होगी. इसे लाल बलुआ पत्थर की सीटों के साथ विकसित किया जाएगा, जहां छोटे सांस्कृतिक और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे. पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए यहां 200 वाहनों की पार्किंग भी बनाई जाएगी. इसके अलावा करीब 1500 मीटर क्षेत्र में मजबूत फेंसिंग की व्यवस्था की जाएगी.
ताजमहल के लिए बनाया जाएगा ‘विजुअल कॉरिडोर’
यमुना किनारे विकसित किए जा रहे इस ग्रीन जोन में पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को भी ध्यान में रखा गया है. पार्क की डिजाइन में ताजमहल की ओर जाने वाले दृश्य को बाधित नहीं किया जाएगा. इसके लिए ‘विजुअल कॉरिडोर’ खुले रखे जाएंगे, ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को यमुना किनारे से ताजमहल का खूबसूरत दृश्य देखने का अवसर मिल सके.
फाइटोरेमेडिएशन से सुधरेगी पर्यावरण की स्थिति
परियोजना के तहत साइट पर मौजूद कचरे को हटाकर औपचारिक लैंडफिल में भेजा जाएगा. प्रदूषित क्षेत्र को फाइटोरेमेडिएशन में उपयोग होने वाली पौध प्रजातियों से आच्छादित किया जाएगा. पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए कैसिया बाइफ्लोरा, बोगनवेलिया, नेरियम ओलियंडर, पाम और बेबी गोल्डन जैसी प्रजातियों का सघन पौधरोपण किया जाएगा. पास की कृषि भूमि पर सजावटी पौधे भी उगाए जाएंगे. इन पौधों से होने वाली आय का इस्तेमाल पार्क के रखरखाव में आर्थिक सहायता के तौर पर किया जाएगा.
मॉर्निंग वॉक से पर्यटन तक, लोगों को मिलेंगी कई सुविधाएं
अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप अमृत 2.0 योजना के तहत यमुना किनारे पार्क के निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि 3.46 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पार्क शहरवासियों के लिए मॉर्निंग वॉक, योग और बच्चों के खेलने के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और प्राकृतिक स्थान उपलब्ध कराएगा. परियोजना का उद्देश्य यमुना किनारे के क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के साथ इसे पर्यटन के प्रमुख आकर्षण के रूप में विकसित करना भी है. पार्क के तैयार होने के बाद ताजनगरी में यमुना किनारे लोगों के लिए एक नया सार्वजनिक स्थल विकसित होगा, जहां पर्यावरण, मनोरंजन और पर्यटन तीनों का संगम देखने को मिलेगा.


