अमरोहा: गंगा एक्सप्रेस-वे को अमरोहा से हरिद्वार तक जोड़ने की परियोजना में बड़ा बदलाव किया गया है. सर्वे के बाद अब 62 की जगह 52 गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी. परियोजना से 10 गांवों को बाहर कर दिया गया है. चिह्नित गांवों में सबसे अधिक 34 गांव धनौरा तहसील, 17 गांव हसनपुर तहसील और एक गांव नौगावां सादात तहसील का शामिल है. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने पहले अमरोहा की धनौरा, हसनपुर और नौगावां सादात तहसील के 62 गांवों को परियोजना के लिए चिह्नित किया था. सर्वे के बाद इनमें से 10 गांवों को सूची से हटा दिया गया.
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इन 10 गांवों को परियोजना से बाहर किया गया
परियोजना से बाहर किए गए गांवों में वलीपुर, फकराबाद, जलीलपुर मूंगरा, पाइंदापुर, मुकैयादपुर मझरा डींगरा, पैंदापुर मुस्तकम, पिपलौती खुर्द एतमाली, पिपलौती मुस्तकम खुर्द, वसीखेड़ा और मंगरौला शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक, सभी चिह्नित 52 गांवों में जमीन का सर्वे पूरा हो चुका है. अब तहसील स्तर पर जमीन की गाटा संख्या का मिलान कराया जा रहा है. यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि परियोजना में कितने किसानों की कितनी जमीन शामिल होगी. इसके बाद किसानों से बातचीत कर जमीन की खरीद या अधिग्रहण की अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
धनौरा के 34 गांवों की जमीन होगी शामिल
धनौरा तहसील के अटाली, मुरीदपुर, मीरपुर, बलदाना असगरअली खां, जलालपुर कलां, झनकपुरी, बस्तौरा माफी, यकबगड़ी, बस्तौरा, शेखूपुर शुमाली, रायपुर शुमाली, देहरा घनश्याम, नंगलिया बहादरपुर, बैरमपुर भूड़, अफजलपुर लूट, हाशमपुर भूड़, कौराला, हौशंगपुर उर्फ काटपुरा, चक कनखेड़ा, कानखेड़ा, बाकीपुर माफी, छाजूपुरा माफी, भटौला शुमाली, टोनिया माफी, हैवतपुर गौसांई, पेली, बौधपुरा, खंडसाल, रचौटी, वंशगोपालपुर डींगरा, पतेईपारा माफी और पारा खालसा समेत 34 गांव परियोजना में शामिल हैं.
हसनपुर के 17 गांव भी सूची में
हसनपुर तहसील के रुखालू, शकरौली, गुलामपुर, भैंसोली, बाइखेड़ा, लुहारी खादर, सोहरका, दीपपुर, आगापुर कलां, मछरई, याकूबपुर, सेमला, बसेरा खुर्द, अलमपुर, अब्दीपुर, कटाई और पूठी गांवों की जमीन परियोजना के लिए ली जाएगी.
वहीं नौगावां सादात तहसील क्षेत्र का मोहम्मदी माफी गांव भी परियोजना में शामिल है.
किसानों की आपत्तियों का होगा निस्तारण
गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना में जमीन जाने को लेकर कई किसानों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं. कुछ किसानों की ओर से जमीन देने पर भी आपत्ति जताई गई है. बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने यूपीडा के अधिकारियों के साथ बैठक कर किसानों की आपत्तियों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए.
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गाटा संख्या के मिलान के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
जिला विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी करमेंद्र सिंह के अनुसार, गंगा एक्सप्रेस-वे विस्तार में 52 गांवों के किसानों की जमीन परियोजना में शामिल होगी. सभी गांवों में सर्वे पूरा हो चुका है और फिलहाल गाटा संख्या का मिलान कराया जा रहा है. इसके बाद जमीन से संबंधित अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी.


