रायबरेली: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी है. उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (यूपी एससीआर) के तहत रायबरेली के बछरावां में करीब 104 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एकीकृत औद्योगिक विकास क्षेत्र विकसित करने की योजना है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 26 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. अनुमान है कि इससे 2.50 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार और करीब चार से पांच लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिल सकता है.
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ऑटो से लेकर रक्षा और खाद्य प्रसंस्करण तक उद्योग
लखनऊ-रायबरेली औद्योगिक गलियारे को बड़े विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है. बछरावां में बनने वाले औद्योगिक क्षेत्र में ऑटोमोबाइल और ऑटो कलपुर्जे, रेलवे से जुड़ी इकाइयां, रक्षा क्षेत्र, भवन निर्माण सामग्री, सीमेंट, सिरेमिक, खाद्य प्रसंस्करण, लकड़ी और वेयरहाउसिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा. रायबरेली में पहले से ही रेल कोच कारखाना और ताप बिजली घर जैसे बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं. ऐसे में नया औद्योगिक क्षेत्र जिले में उद्योगों के विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में अहम भूमिका निभा सकता है.
150 हेक्टेयर में बनेगा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब
बछरावां में करीब 150 हेक्टेयर क्षेत्र में बहुआयामी माल परिवहन केंद्र यानी मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब भी विकसित किया जाएगा. यह राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के किनारे प्रस्तावित है. इस केंद्र की क्षमता करीब 30 लाख टन माल प्रतिवर्ष होगी. इसके निर्माण पर लगभग 1300 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. यहां गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, कंटेनर डिपो, एयर कार्गो सेंटर, रेल साइडिंग और टर्मिनल भवन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. क्षेत्र में वर्तमान में करीब 179 लाख टन माल की ढुलाई होती है. इसमें विनिर्मित सामान, लोहा-इस्पात, उर्वरक और कृषि उत्पादों की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत बताई गई है.
2051 तक 12 लाख टन माल ढुलाई की क्षमता का लक्ष्य
इस परियोजना की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि इसके आसपास राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा, बेहतर सड़क संपर्क, प्रमुख रेल मार्ग और कई औद्योगिक क्षेत्र मौजूद हैं. संडीला क्षेत्र में भी औद्योगिक माल ढुलाई के लिए एक अन्य माल परिवहन केंद्र प्रस्तावित है. इसकी क्षमता वर्ष 2026 के अंत तक करीब 2 लाख टन और वर्ष 2051 तक बढ़ाकर 12 लाख टन किए जाने की योजना है.
चार चरणों में विकसित होगा औद्योगिक क्षेत्र
104 वर्ग किलोमीटर में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र का विकास चार चरणों में किया जाएगा. इसके लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा.
- पहला चरण (2026-2031): 10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकास होगा. इस चरण में करीब 2500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
- दूसरा चरण (2031-2036): 19 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र विकसित किया जाएगा. इस पर करीब 4750 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
- तीसरा चरण (2036-2041): 30 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकास कार्य होगा. अनुमानित लागत 7500 करोड़ रुपये है.
- चौथा चरण (2041-2051): 45 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र विकसित किया जाएगा. इस चरण पर करीब 11,250 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
एलडीए के वीसी प्रथमेश कुमार के मुताबिक, यूपी एससीआर के तहत प्रस्तावित इस योजना का प्रेजेंटेशन शासन के सामने किया जा चुका है. परियोजना के अमल में आने से रायबरेली और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.


