Gorakhpur Panipat Expressway: बहुप्रतीक्षित गोरखपुर-पानीपत शामली एक्सप्रेसवे को लेकर मेंहदावल तहसील क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया जा रहा है. पहले एक्सप्रेसवे के लिए तहसील के 29 गांव चिह्नित किए गए थे, लेकिन अब सोहरवलिया, मिश्रौलिया मिश्र और मईला को भी परियोजना में शामिल किया जा रहा है. इन गांवों में एक्सप्रेसवे से चढ़ने-उतरने के लिए इंटरसेक्शन के साथ यात्रियों की सुविधा के लिए शौचालय और पार्किंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित है.
यह भी पढ़ें- बैंक अकाउंट में नॉमिनी नहीं है तो क्या होगा? जानें पैसा किसे मिलेगा
15 से 20 गांवों को मिलेगा फायदा
तीनों नए गांवों के एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद आसपास के करीब 15 से 20 गांवों के लोगों को भी आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है. इंटरसेक्शन बनने से स्थानीय लोगों को एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा. इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ कृषि उत्पादों को मंडियों तक पहुंचाने में लगने वाला समय और परिवहन लागत कम होने की संभावना है.
29 गांवों में गाटा सत्यापन पूरा
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत तहसील प्रशासन ने मेंहदावल के पहले से चिह्नित 29 गांवों में गाटा सत्यापन का काम पूरा कर लिया है. इसमें खेतों का चिह्नांकन, रकबे का मिलान और जमीन के स्वामित्व का सत्यापन शामिल है. सत्यापन रिपोर्ट शासन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को भेज दी गई है. अब इन गांवों में गाटों का स्थलीय और भौतिक सत्यापन शुरू करने की तैयारी है. इसके बाद भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
पहले इन 29 गांवों से गुजरना था एक्सप्रेसवे
पहले चरण में मेंहदावल तहसील के बढ़या, फेउसा, परसामाफी, परसाशुक्ल, महला, पसाई, देवकली, प्रतापपुर, जसवल, रमवापुर, खजुरा खुर्द, नचनी, समोगर, गुदरिहवा, खजुराकला, सिक्टौर माफी, कुंडवा, जमुवरिया खुर्द, जमुवरिया कला, रकसा, भरवलिया मिश्र, कुसौनाकला, जमोहरा, मुड़ली, डुमरिया बाबू, इंदरपुर, कौवाठोर, पिड़ारी कला और चितरुखिया को परियोजना में शामिल किया गया था. अब सोहरवलिया, मिश्रौलिया मिश्र और मईला के जुड़ने के बाद प्रभावित गांवों की संख्या बढ़ जाएगी.
747 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे करीब 747 किलोमीटर लंबा, चार से छह लेन का ग्रीनफील्ड और एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है. एनएचएआई की इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 35 हजार करोड़ रुपये बताई गई है. एक्सप्रेसवे हरियाणा के पानीपत से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के 22 जिलों से गुजरते हुए गोरखपुर तक जाएगा. गोरखपुर-बस्ती मंडल में इसकी प्रस्तावित लंबाई करीब 86.24 किलोमीटर है, जिसमें लगभग 22.5 किलोमीटर हिस्सा मेंहदावल तहसील से होकर गुजरेगा. मेंहदावल के बाद एक्सप्रेसवे सिद्धार्थनगर के बांसी क्षेत्र से होते हुए बलरामपुर, बहराइच और लखीमपुर खीरी की ओर जाएगा. परियोजना का निर्माण कार्य 2026 में शुरू करने और करीब ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
यह भी पढ़ें- Sharadiya Navratri 2026: नवरात्रि में किस दिन किस देवी की पूजा? यहां देखें 11 से 19 अक्टूबर तक पूरा शेड्यूल
पूर्वांचल से हरियाणा तक सीधी कनेक्टिविटी
एक्सप्रेसवे के निर्माण से पूर्वांचल की पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा से सीधी कनेक्टिविटी मजबूत होगी. नए इंटरसेक्शन बनने के बाद आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी एक्सप्रेसवे तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी. एसडीएम मेंहदावल अरुण कुमार के अनुसार, संबंधित विभाग के माध्यम से इंटरसेक्शन कार्य के लिए तीन नए गांवों को एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा. इन गांवों का सर्वे और भौतिक सत्यापन पूरा कर रिपोर्ट भेजी जाएगी.


