नई दिल्ली, 8 अगस्त 2026. चित्रकूट, प्रतापगढ़, लखनऊ और कानपुर के बीच रेल यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा मिलने जा रही है. भारतीय रेलवे ने चित्रकूटधाम कर्वी-कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस और मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़-कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस के विलय को मंजूरी दे दी है. दोनों ट्रेनों को मिलाकर अब 14123/14124 मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़-चित्रकूटधाम कर्वी एक्सप्रेस के रूप में संचालित किया जाएगा.
इस बदलाव से चित्रकूट और प्रतापगढ़ के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी. साथ ही चित्रकूट को लखनऊ क्षेत्र से भी सीधी रेल सेवा मिलेगी. रेलवे के अनुसार, ट्रेन की क्षमता 12 कोच से बढ़ाकर 24 कोच की जाएगी. इससे यात्रियों के लिए उपलब्ध क्षमता दोगुनी होगी और कानपुर-प्रतापगढ़ सेक्शन में भीड़ कम करने में मदद मिलेगी.
दो एक्सप्रेस ट्रेनों का होगा विलय
भारतीय रेलवे ने 14109/14110 चित्रकूटधाम कर्वी-कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस और 14123/14124 मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़-कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस के विलय को मंजूरी दी है.
विलय के बाद संयुक्त सेवा 14123/14124 मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़-चित्रकूटधाम कर्वी एक्सप्रेस के रूप में चलेगी. इससे प्रतापगढ़ और चित्रकूट के बीच यात्रियों को सीधे रेल कनेक्शन का विकल्प मिलेगा.
इस सेवा के जरिए कानपुर सेंट्रल, लखनऊ क्षेत्र और चित्रकूट जैसे प्रमुख स्थानों के बीच भी कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
12 की जगह अब 24 कोच की ट्रेन
ट्रेनों के विलय के साथ यात्री क्षमता में भी बड़ा बदलाव किया गया है. मौजूदा 12 कोच की संरचना को बढ़ाकर 24 कोच किया जाएगा.
इससे ट्रेन की यात्री क्षमता दोगुनी हो जाएगी. रेलवे के अनुसार, अतिरिक्त क्षमता से कानपुर-प्रतापगढ़ सेक्शन में यात्रियों की बढ़ती मांग और भीड़ को कम करने में मदद मिलेगी.
कानपुर, बांदा, चित्रकूट, प्रतापगढ़ और रास्ते में आने वाले अन्य स्टेशनों के यात्रियों को इस बढ़ी हुई क्षमता का फायदा मिलेगा.
चित्रकूट से लखनऊ तक मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
विलय की गई ट्रेन सेवा चित्रकूट और लखनऊ-प्रतापगढ़ क्षेत्र के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी को बेहतर करेगी. यात्रियों को कानपुर सेंट्रल पर ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं होगी.
यह सुविधा चित्रकूट, प्रतापगढ़ और लखनऊ क्षेत्र के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए खास तौर पर उपयोगी होगी. धार्मिक यात्रा, पर्यटन, शिक्षा, रोजगार और अन्य जरूरी कामों के लिए इन क्षेत्रों के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को सीधी रेल सेवा का फायदा मिलेगा.
इन प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी ट्रेन
नई संयुक्त सेवा में कई महत्वपूर्ण स्टेशनों को कनेक्टिविटी मिलेगी. रेलवे के अनुसार, ट्रेन इन स्टेशनों पर सेवा देगी.
- मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़
- चिलबिला
- मां चंद्रिका देवी धाम अंतू
- अमेठी
- गौरीगंज
- काशीमपुर
- जायस
- फुरसतगंज
- रायबरेली
- हरचंदपुर
- बछरावां
- निगोहां
- लखनऊ
- मानक नगर
- उन्नाव
- कानपुर सेंट्रल
- भीमसेन
- कठारा रोड
- पतारा
- घाटमपुर
- हमीरपुर रोड
- यमुना साउथ बैंक
- भरुआ सुमेरपुर
- रागौल
- बांदा
- अतर्रा
- चित्रकूटधाम कर्वी
इन स्टेशनों के जुड़ने से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के बीच रेल यात्रा के विकल्प और बेहतर होंगे.
चित्रकूट जाने वाले यात्रियों को भी फायदा
चित्रकूट एक महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन केंद्र है. नई संयुक्त रेल सेवा से चित्रकूट तक पहुंचने वाले यात्रियों के लिए कनेक्टिविटी बेहतर होगी.
प्रतापगढ़, लखनऊ और रास्ते में आने वाले कई शहरों से चित्रकूट जाने वाले यात्रियों को सीधी ट्रेन का विकल्प मिलने से यात्रा आसान होगी. इससे धार्मिक यात्राओं के साथ पर्यटन से जुड़े यात्रियों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है.
कानपुर-प्रतापगढ़ सेक्शन में कम होगी भीड़
रेलवे के अनुसार, ट्रेन की क्षमता 12 से बढ़ाकर 24 कोच किए जाने से कानपुर-प्रतापगढ़ सेक्शन पर यात्री क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी.
अधिक कोच उपलब्ध होने से यात्रियों के लिए सीटों की संख्या बढ़ेगी और इस रूट पर मौजूदा यात्री मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी. रेलवे ने इस बदलाव को ट्रेन संचालन के बेहतर उपयोग और यात्रियों की सुविधा से भी जोड़ा है.
बुंदेलखंड और अवध क्षेत्र के बीच मजबूत होगा रेल कॉरिडोर
नई संयुक्त ट्रेन सेवा से बुंदेलखंड और अवध क्षेत्र के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी. चित्रकूटधाम कर्वी और बांदा जैसे बुंदेलखंड क्षेत्र के प्रमुख स्थान लखनऊ, रायबरेली, अमेठी और प्रतापगढ़ जैसे क्षेत्रों से सीधे जुड़ेंगे.
इससे धार्मिक यात्रा के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कारोबार और प्रशासनिक कामों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को भी सीधी रेल सेवा का लाभ मिल सकता है.
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रेलवे संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल
दो ट्रेनों के विलय के जरिए रेलवे ने मौजूदा ट्रेन संचालन संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में भी कदम उठाया है. संयुक्त सेवा में 24 कोच होने से यात्री क्षमता बढ़ेगी और एक ही सेवा के जरिए अधिक यात्रियों को यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी.
इस बदलाव से चित्रकूट, प्रतापगढ़, लखनऊ और कानपुर के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने के साथ रास्ते में आने वाले छोटे और बड़े स्टेशनों के यात्रियों को भी फायदा मिलेगा.


