Ujjain-Jhalawar Four-lane Highway: मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए 160 किलोमीटर लंबे उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन हाईवे (NH-552G) का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा हाइब्रिड एन्यूइटी मोड (HAM) के तहत विकसित किए जा रहे इस कॉरिडोर को सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
गाड़ी का माइलेज बढ़ाना है? ये 5 आसान ट्रिक्स बचाएंगी हजारों रुपये का पेट्रोल-डीजल
करीब 2,700 करोड़ रुपये से 4,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद उज्जैन से जयपुर की सड़क यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा. वर्तमान में जहां इस सफर में करीब 12 से 14 घंटे लगते हैं, वहीं फोरलेन और जरूरी बाईपास बनने के बाद यात्रा करीब 6 से 7 घंटे में पूरी होने की उम्मीद है.
सिंहस्थ-2028 में बनेगा अहम कनेक्टिविटी कॉरिडोर
उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. ऐसे में उज्जैन को राजस्थान के प्रमुख शहरों से जोड़ने वाला यह फोरलेन कॉरिडोर यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. उज्जैन से आगर मालवा और झालावाड़ के बीच सीधा रेल संपर्क नहीं होने के कारण सड़क मार्ग की अहमियत और बढ़ जाती है. हाईवे के तैयार होने के बाद यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा
उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन की सबसे बड़ी खासियत इसकी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी होगी. यह कॉरिडोर मंदसौर जिले के गरोठ के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ सकेगा. इससे मालवा क्षेत्र की कनेक्टिविटी दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े आर्थिक केंद्रों से और मजबूत होगी.
इन इलाकों से होकर गुजरेगा हाईवे
प्रस्तावित फोरलेन का रूट उज्जैन से शुरू होकर आगर मालवा और राजस्थान के झालावाड़ तक जाएगा. इसके प्रमुख पड़ावों में घौंसला- आगर मालवा-कानड़-सुसनेर-सोयत कलां-चंवली-झालावाड़ शामिल हैं, परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और गजट अधिसूचना की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है.
इंदौर, कोटा और जयपुर की कनेक्टिविटी होगी आसान
हाईवे बनने के बाद उज्जैन और राजस्थान के बीच यात्रा का समय कम होने के साथ ही इंदौर की कनेक्टिविटी को भी फायदा मिलेगा. जयपुर और कोटा से उज्जैन-इंदौर आने-जाने वाले यात्रियों को मार्ग और यातायात की स्थिति के आधार पर कई घंटे तक की बचत हो सकती है.
दो पैकेज में पूरा होगा प्रोजेक्ट
प्रोजेक्ट को समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए NHAI ने इसे दो प्रमुख पैकेजों में बांटा है. लक्ष्य है कि सिंहस्थ-2028 से पहले इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को यातायात के लिए उपलब्ध कराया जा सके. उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन के पूरा होने से धार्मिक पर्यटन, व्यापार, माल परिवहन और अंतरराज्यीय आवागमन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. यह हाईवे आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच एक महत्वपूर्ण आर्थिक एवं परिवहन कॉरिडोर के रूप में विकसित हो सकता है.


