नई दिल्ली: प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी यानी PMAY-U ने एक बड़ा मुकाम हासिल किया है. केंद्र सरकार के अनुसार PMAY-U और PMAY-U 2.0 के तहत अब तक 1.25 करोड़ से ज्यादा घर मंजूर किए जा चुके हैं. इनमें से 1 करोड़ से अधिक घरों का निर्माण पूरा होने के बाद लाभार्थियों को सौंपा जा चुका है.
सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत महिला सशक्तिकरण पर भी खास जोर दिया गया है. अब तक मंजूर 1.25 करोड़ घरों में से 1 करोड़ घर महिलाओं के नाम पर या परिवार की महिला मुखिया के नाम अथवा संयुक्त स्वामित्व में आवंटित किए गए हैं. सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और परिवार में उनकी भागीदारी को मजबूत करने में मदद मिली है.
PMAY-U 2.0 के तहत 2.09 लाख नए घर मंजूर
PMAY-U 2.0 के तहत 8वीं Central Sanctioning and Monitoring Committee यानी CSMC की बैठक में 2.09 लाख से अधिक नए घरों को मंजूरी दी गई. यह बैठक 6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के संकल्प भवन में हुई थी.
बैठक की अध्यक्षता आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव सतेंद्र सिंह ने की. इसमें मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के PMAY-U मिशन निदेशक भी शामिल हुए.
नई मंजूरियां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS परिवारों के लिए हैं. इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं.
BLC के तहत 1.42 लाख घरों को मंजूरी
नई मंजूरियों में करीब 1.42 लाख घर Beneficiary Led Construction यानी BLC वर्टिकल के तहत हैं. इस व्यवस्था में लाभार्थियों को अपनी जमीन पर पक्का घर बनाने के लिए अधिकतम 2.5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है.
इसके अलावा 67,045 घर Affordable Housing in Partnership यानी AHP वर्टिकल के तहत मंजूर किए गए हैं. इस वर्टिकल में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ सार्वजनिक या निजी एजेंसियों की साझेदारी में किफायती आवास परियोजनाएं विकसित की जाती हैं.
इन परियोजनाओं में पात्र EWS लाभार्थियों को केंद्रीय सहायता के साथ आवास आवंटित किए जाते हैं.
PMAY-U 2.0 में 18.38 लाख से ज्यादा घर मंजूर
ताजा मंजूरियों के बाद PMAY-U 2.0 के तहत कुल स्वीकृत घरों की संख्या 18.38 लाख से ज्यादा हो गई है.
इनमें 14.40 लाख घर BLC वर्टिकल के तहत हैं. वहीं 2.48 लाख घर AHP वर्टिकल में हैं. Interest Subsidy Scheme यानी ISS वर्टिकल के तहत 1.36 लाख घर लाभार्थियों को आवंटित किए गए हैं. इसके अलावा 13,046 घर Affordable Rental Housing यानी ARH के रूप में मंजूर किए गए हैं.
सरकार PMAY-U 2.0 के तहत अलग-अलग जरूरतों वाले शहरी परिवारों के लिए घर बनाने, खरीदने, होम लोन पर ब्याज सब्सिडी और किराये के आवास जैसी सुविधाओं पर काम कर रही है.
2.03 लाख नए घर महिलाओं को आवंटित
8वीं CSMC बैठक में मंजूर 2.09 लाख घरों में से 2.03 लाख घर महिलाओं को आवंटित किए गए हैं. ये घर परिवार की महिला मुखिया के नाम या संयुक्त स्वामित्व में दिए जा रहे हैं.
इसके अलावा 16,662 घर वरिष्ठ नागरिकों के लिए मंजूर किए गए हैं. नई मंजूरियों में 21,954 घर SC लाभार्थियों, 14,252 घर ST लाभार्थियों और 75,511 घर OBC लाभार्थियों के लिए हैं.
इससे योजना में कमजोर और वंचित वर्गों के लिए आवास उपलब्ध कराने पर सरकार के फोकस का पता चलता है.
1 करोड़ घर महिलाओं के नाम
PMAY-U और PMAY-U 2.0 के तहत मंजूर कुल 1.25 करोड़ से ज्यादा घरों में से 1 करोड़ घर महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में आवंटित किए गए हैं.
सरकार के अनुसार, महिलाओं के नाम पर घर होने से उन्हें एक मूल्यवान संपत्ति मिलती है. इससे परिवार में उनकी आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक स्थिति मजबूत होने के साथ घरेलू फैसलों में उनकी भागीदारी बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
PMAY-U को जून 2015 में Housing for All के उद्देश्य से शुरू किया गया था. PMAY-U 2.0 इसी योजना को आगे बढ़ाते हुए शहरी क्षेत्रों में पात्र परिवारों की आवास जरूरतों को पूरा करने पर केंद्रित है.
PMAY-U 2.0 में किन परिवारों को मिलेगा लाभ
PMAY-U 2.0 के तहत शहरी भारत के अतिरिक्त 1 करोड़ पात्र EWS, LIG और MIG परिवारों की आवास जरूरतों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. योजना में ऐसे परिवारों को शामिल किया गया है जिनकी वार्षिक आय 9 लाख रुपये तक है.
योजना के अलग-अलग वर्टिकल के जरिए लाभार्थियों को अपनी जमीन पर घर बनाने, किफायती आवास परियोजनाओं में घर पाने, होम लोन पर ब्याज सब्सिडी लेने या गुणवत्तापूर्ण किराये के आवास की सुविधा हासिल करने में मदद दी जाती है.
सरकार ने राज्यों को तेज काम के निर्देश दिए
CSMC की बैठक में PMAY-U और PMAY-U 2.0 की प्रगति की भी समीक्षा की गई. इसमें मंजूर घरों का समय पर निर्माण शुरू होना, निर्माण पूरा होना, जियो-टैगिंग, फंड के इस्तेमाल, लाभार्थियों के सत्यापन और घरों में लाभार्थियों के रहने की स्थिति की समीक्षा की गई.
आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव ने योजना को तेजी से लागू करने, समय पर फंड जारी करने, प्रभावी निगरानी और सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया.
सरकार के अनुसार, CSMC की बैठक नियमित रूप से होगी. इसका उद्देश्य समय पर मंजूरी देना, योजना के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं को दूर करना और पात्र शहरी परिवारों तक किफायती आवास का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया को तेज रखना है.


