Ayushman Card Complaint: आयुष्मान कार्ड देश के करोड़ों लोगों के लिए इलाज के खर्च का बोझ कम करने वाली अहम सरकारी स्वास्थ्य सुविधा है. आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के तहत पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में योजना के दायरे में आने वाला इलाज कैशलेस तरीके से कराने की सुविधा मिलती है.
हालांकि, कई बार मरीजों को अस्पताल पहुंचने के बाद परेशानी का सामना करना पड़ता है. अस्पताल आयुष्मान कार्ड स्वीकार नहीं करता, इलाज से इनकार कर देता है या योजना के तहत कवर होने वाले इलाज के लिए पैसे मांगता है. ऐसी स्थिति में मरीज या उसके परिवार को चुप रहने की जरूरत नहीं है. योजना के तहत शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है.
अस्पताल इलाज से मना करे तो सबसे पहले क्या करें?
अगर आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अस्पताल इलाज देने से इनकार करता है, तो सबसे पहले वहां मौजूद आयुष्मान मित्र या संबंधित कर्मचारी से बात करें. अपनी समस्या स्पष्ट रूप से बताएं और यह जानने की कोशिश करें कि इलाज से इनकार क्यों किया जा रहा है.
अगर अस्पताल स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होता और अस्पताल योजना के तहत आने वाले इलाज से इनकार करता है या उसके लिए पैसे मांगता है, तो PM-JAY में शिकायत दर्ज की जा सकती है.
14555 पर फोन करके दर्ज करें शिकायत
आयुष्मान भारत PM-JAY से जुड़ी जानकारी और शिकायत के लिए 14555 टोल-फ्री हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है. फोन करते समय अपनी शिकायत की पूरी जानकारी दें. जैसे आपके पास आयुष्मान कार्ड है या नहीं, किस अस्पताल में इलाज के लिए गए थे, अस्पताल ने किस इलाज या सेवा से इनकार किया, क्या आपसे पैसे मांगे गए, अगर पैसे मांगे गए तो कितनी रकम मांगी गई. शिकायत करते समय अस्पताल का नाम और मरीज से जुड़ी जरूरी जानकारी अपने पास रखें. इससे शिकायत को सही स्तर तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है.
ऑनलाइन भी कर सकते हैं शिकायत
फोन के अलावा Central Grievance Redressal Management System (CGRMS) के जरिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने का विकल्प भी है. शिकायत में अस्पताल का नाम, मरीज से जुड़ी जानकारी और पूरी घटना का विवरण देना चाहिए. अगर अस्पताल ने इलाज के लिए पैसे मांगे हैं तो उससे जुड़े बिल, रसीद या अन्य दस्तावेज संभालकर रखें. ये शिकायत के दौरान उपयोगी हो सकते हैं.
शिकायत के बाद मिलेगा यूनिक नंबर
शिकायत दर्ज होने के बाद उसका रिकॉर्ड grievance system में बनाया जाता है. शिकायत के लिए Unique Grievance Number (UGN) जारी किया जाता है. इसकी जानकारी SMS के जरिए भी मिल सकती है. इस नंबर को सुरक्षित रखें. आगे शिकायत की स्थिति जानने या उससे जुड़ी जानकारी लेने के लिए यह नंबर काम आ सकता है.
शिकायत करने से पहले ये जानकारी रखें तैयार
शिकायत दर्ज करने से पहले मरीज से जुड़ी जरूरी जानकारी और अस्पताल से संबंधित विवरण अपने पास रखना बेहतर है. इसमें शामिल हैं.
- मरीज का नाम
- आयुष्मान कार्ड/लाभार्थी से जुड़ी जानकारी
- अस्पताल का नाम
- इलाज की तारीख
- किस बीमारी या इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे
- अस्पताल ने क्या कहकर इलाज से इनकार किया
- कितने पैसे मांगे गए
- पैसे किस सेवा के लिए मांगे गए
- बिल या रसीद मिली है तो उसकी जानकारी
अगर अस्पताल ने इलाज देने से ही मना कर दिया है, तो शिकायत में यह स्पष्ट रूप से बताएं कि आप किस सेवा या इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे. यानी आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अगर सूचीबद्ध अस्पताल योजना के तहत मिलने वाले इलाज से इनकार करता है या कवर होने वाली सेवा के लिए पैसे मांगता है, तो मरीज के पास शिकायत दर्ज कराने का रास्ता मौजूद है. ऐसी स्थिति में 14555 पर संपर्क करें और शिकायत से जुड़ा UGN जरूर संभालकर रखें.


