Ujjain-Badnawar Four-Lane Highway: देशभर में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई नए हाईवे और एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है. दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों के साथ उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी सड़क नेटवर्क का विस्तार हो रहा है. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश को भी एक बड़ी सड़क परियोजना की सौगात मिली है.
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केंद्र सरकार ने उज्जैन से बदनावर के बीच 4-लेन हाईवे को मंजूरी दी है. यह मार्ग पहले से मौजूद नेशनल हाईवे-752D का हिस्सा है. इस सेक्शन को अपग्रेड करने पर करीब 3800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर, उज्जैन और देवास जैसे प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी. साथ ही दिल्ली-एनसीआर से मध्य प्रदेश तक सड़क मार्ग से पहुंचना भी आसान हो जाएगा.
4-लेन में अपग्रेड किया जा रहा हाईवे
उज्जैन-बदनावर सेक्शन के 70.40 किलोमीटर हिस्से को पहले ही 2-लेन से 4-लेन में अपग्रेड किया जा चुका है. वहीं बदनावर-तिमारवानी सेक्शन को 4-लेन में विकसित किया जा रहा है.
इस काम के पूरा होने के बाद उज्जैन से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर तिमारवानी इंटरचेंज तक सीधी 4-लेन कनेक्टिविटी मिल जाएगी. इस सड़क पर वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे. इससे यात्रा का समय करीब एक घंटे तक कम होने की उम्मीद है.
सिंहस्थ कुंभ से पहले बढ़ेगी कनेक्टिविटी
तिमारवानी-थंदला-पेटलावाद-बदनावर-उज्जैन कॉरिडोर गुजरात और महाराष्ट्र से उज्जैन पहुंचने वाले ट्रैफिक के लिए सबसे छोटा रास्ता है. तिमारवानी-बदनावर सेक्शन के अपग्रेड होने के बाद गुजरात और महाराष्ट्र से आने-जाने में भी सुविधा बढ़ेगी.
अप्रैल 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान उज्जैन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और वाहनों के पहुंचने की संभावना है. ऐसे में यह बेहतर सड़क कनेक्टिविटी बढ़ते ट्रैफिक को संभालने में भी मदद करेगी.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधा संपर्क
बदनावर-पेटलावाद-थंगला-तिमारवानी सेक्शन धार और झाबुआ जिलों के आदिवासी क्षेत्रों से होकर गुजरता है. धार जिले के कुछ हिस्से नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम में भी शामिल हैं.
हाईवे के अपग्रेड होने के बाद उज्जैन-बदनावर-तिमारवानी कॉरिडोर के जरिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक सीधा और तेज रास्ता उपलब्ध होगा. इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होने और कच्चे माल के साथ तैयार माल की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है. इंदौर, पीथमपुर, उज्जैन और देवास के औद्योगिक केंद्रों और एमएमएलपी तक पहुंच भी मजबूत होगी.
इंदौर, उज्जैन और रतलाम समेत इन शहरों को फायदा
नई सड़क परियोजना का लाभ मध्य प्रदेश के कई प्रमुख शहरों को मिलेगा. इंदौर, पीथमपुर, उज्जैन, रतलाम और देवास जैसे औद्योगिक केंद्रों तक पहुंच पहले से आसान होगी.
उज्जैन-बदनावर सेक्शन के अपग्रेड होने से स्थानीय लोगों को भी फायदा मिला है. पहले उज्जैन से बदनावर पहुंचने में करीब 2 घंटे लगते थे, जबकि अब यही सफर लगभग 45 मिनट में पूरा हो रहा है.
नई परियोजना पूरी होने के बाद मालवा क्षेत्र के किसानों, कारोबारियों और परिवहन क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है.
दिल्ली-एनसीआर से उज्जैन जाना होगा आसान
उज्जैन-बदनावर फोरलेन हाईवे यानी NH-752D के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद दिल्ली-एनसीआर से उज्जैन की यात्रा आसान होगी. अभी दिल्ली से उज्जैन जाने के लिए पुराने ग्वालियर-शिवपुरी-गुना-ब्यावरा रूट (NH-46) का इस्तेमाल होता है, जिसमें करीब 14 से 16 घंटे लगते हैं.
नए कनेक्शन के बाद दिल्ली-एनसीआर से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जरिए राजस्थान पार कर मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश किया जा सकेगा. झाबुआ के पास तिमरवानी इंटरचेंज से उज्जैन-बदनावर-तिमरवानी फोरलेन हाईवे पर सीधे पहुंचा जा सकेगा. इसके बाद यह मार्ग उज्जैन के महाकाल कॉरिडोर तक कनेक्टिविटी देगा.
फिलहाल दिल्ली से उज्जैन की यात्रा में 14 से 16 घंटे लगते हैं, जबकि नया हाईवे बनने के बाद यह सफर करीब 9 से 10 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है.


