Bihar Expressway: बिहार में एक्सप्रेसवे नेटवर्क को पर्यटन और ऐतिहासिक शहरों से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है. राज्य सरकार ने राजगीर, बोधगया और डोभी जैसे प्रमुख स्थलों को बड़े एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है. इन शहरों को एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए स्पर यानी ब्रांच रोड बनाने की योजना है. सरकार की योजना के मुताबिक डोभी और राजगीर को वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा. वहीं आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे से राजगीर और बोधगया को कनेक्ट करने का प्रस्ताव है. इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है. केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद ब्रांच सड़कों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी.
पर्यटन स्थलों तक आसान होगी पहुंच
राज्य सरकार का फोकस बिहार के प्रमुख एक्सप्रेसवे को ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों से जोड़ने पर है. इसका उद्देश्य यह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से एक्सप्रेसवे के जरिए आने वाले पर्यटक और यात्री ब्रांच रोड के माध्यम से सीधे राजगीर और बोधगया जैसे प्रमुख गंतव्यों तक पहुंच सकें. इस कनेक्टिविटी से इन पर्यटन स्थलों की पहुंच आसान होने के साथ-साथ स्थानीय कारोबार और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
170 KM लंबा होगा बिहार में वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे
वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण हाई-स्पीड कॉरिडोर है. बिहार में इसकी लंबाई करीब 170 किलोमीटर है. यह कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गयाजी जिलों से होकर गुजर रहा है. बिहार में इस परियोजना का निर्माण सात पैकेज में किया जा रहा है. डोभी और राजगीर के लिए संपर्क मार्ग तैयार होने से इन इलाकों के लोग भी एक्सप्रेसवे नेटवर्क का आसानी से इस्तेमाल कर सकेंगे.
आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा राजगीर-बोधगया
दूसरी ओर, आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे से राजगीर और बोधगया को जोड़ने का प्रस्ताव है. करीब 198 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे गयाजी जिले के आमस में जीटी रोड को उत्तर बिहार के प्रमुख शहर दरभंगा से जोड़ेगा. यह एक्सप्रेसवे औरंगाबाद, गयाजी, जहानाबाद, पटना, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा से होकर गुजरेगा. परियोजना का निर्माण चार पैकेज में किया जा रहा है.
सासाराम में फिर बदलेगा वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे का अलाइनमेंट
इसी बीच वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे को लेकर सासाराम में भी बड़ा बदलाव प्रस्तावित है. राज्य सरकार ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को नया प्रस्ताव भेजा है. इसमें सासाराम के पास पहाड़ के अंदर टनल बनाने का प्रस्ताव दोबारा रखा गया है. यदि इसे मंजूरी मिलती है तो एक्सप्रेसवे का अलाइनमेंट बदलने से इसकी कुल लंबाई करीब 15 किलोमीटर तक कम हो सकती है.
बिहार में एक्सप्रेसवे नेटवर्क से बदलेगी कनेक्टिविटी
राजगीर और बोधगया जैसे पर्यटन केंद्रों को एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को नई दिशा दे सकती है. एक्सप्रेसवे और स्पर रोड के जरिए पर्यटन, रोजगार, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है.


