Lucknow Link Expressway: उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. राजधानी लखनऊ में करीब 50.94 किलोमीटर लंबा 6 लेन का ग्रीनफील्ड ‘लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे’ बनाया जाएगा. करीब 4,776 करोड़ रुपये की लागत वाले इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ देगा.
नए लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों को पूर्वांचल और बिहार की ओर जाने के लिए लखनऊ शहर के अंदर से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे न सिर्फ यात्रा का समय कम होगा, बल्कि राजधानी में भारी वाहनों का दबाव भी घटेगा.
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एक साथ जुड़ेंगे कई बड़े एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क को आपस में जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा. इसके जरिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी. इसके अलावा यह नेटवर्क यमुना एक्सप्रेसवे समेत अन्य प्रमुख हाई-स्पीड कॉरिडोर से भी कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. इसका सीधा फायदा दिल्ली से पूर्वांचल, बिहार, बुंदेलखंड और झांसी की तरफ जाने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों को मिलेगा.
लखनऊ शहर में नहीं घुसेंगे भारी वाहन
फिलहाल आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की तरफ जाने वाले वाहनों को लखनऊ शहर के कुछ हिस्सों से होकर गुजरना पड़ता है. इससे कई बार यात्रा में डेढ़ से दो घंटे तक लग जाते हैं. नए लिंक एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यह सफर करीब 25 से 30 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है. इससे रोजाना लखनऊ से गुजरने वाले हजारों भारी वाहनों को शहर के भीतर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी. नतीजतन शहीद पथ और आसपास के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम हो सकता है.
6 लेन का होगा एक्सप्रेसवे, 8 लेन तक विस्तार की तैयारी
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे करीब 49 से 50.94 किलोमीटर लंबा और 6 लेन का होगा. इसे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जाएगा. भविष्य में ट्रैफिक की जरूरत के मुताबिक इसे 8 लेन तक विस्तारित करने का प्रावधान रखा गया है. इस हाई-स्पीड कॉरिडोर पर वाहनों की अधिकतम डिजाइन स्पीड करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है. परियोजना को लगभग तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है.
कहां से कहां तक बनेगा लिंक एक्सप्रेसवे?
प्रस्तावित मार्ग आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के भलिया गांव/काकोरी-मोहन रोड क्षेत्र से शुरू होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पहांसा गांव, चांद सराय (गोसाईंगंज) के पास समाप्त होगा. इसमें लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के साथ इंटरचेंज विकसित किए जाने की भी योजना है. इससे बुंदेलखंड और झांसी की ओर जाने वाले मार्गों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है.
लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट को भी मिलेगा फायदा
लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से इसके आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. काकोरी, मोहनलालगंज, सरोजनीनगर और सुल्तानपुर रोड के आसपास लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस और औद्योगिक गतिविधियों के विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी. एक्सप्रेसवे के बेहतर कनेक्शन से किसानों को भी फायदा मिल सकता है. कृषि उत्पादों को बड़े शहरों और प्रमुख बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है.
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कब शुरू होगा निर्माण?
परियोजना की अनुमानित लागत करीब 4,775-4,776 करोड़ रुपये बताई गई है. निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है और उपलब्ध जानकारी के मुताबिक टेंडर 9 जून 2026 को खोले जाने थे. परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण पूरा होने में लगभग तीन साल का समय लगने का अनुमान है. लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे के अस्तित्व में आने के बाद राजधानी के चारों ओर हाई-स्पीड रोड नेटवर्क और मजबूत होगा. इसका सबसे बड़ा असर दिल्ली-पश्चिमी यूपी से पूर्वांचल और बिहार के साथ बुंदेलखंड-झांसी की कनेक्टिविटी पर देखने को मिल सकता है.


