Weather Update 9 September 2026: देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर सक्रिय होती नजर आ रही हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के 8 सितंबर की रात जारी मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक 9 सितंबर को पूर्वी, मध्य, उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों के कई राज्यों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है. बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम-मेघालय और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है. वहीं 10 सितंबर से ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
IMD के अनुसार 9 सितंबर को बिहार, झारखंड, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. इसी दिन बिहार, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है.
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9 सितंबर को किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
IMD के बुलेटिन के अनुसार 9 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
इस दौरान बारिश का प्रभाव हर इलाके में एक जैसा नहीं रहेगा. कहीं हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है, तो कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है. इसलिए स्थानीय मौसम चेतावनी पर नजर रखना जरूरी होगा.
बिहार में 9 सितंबर को भारी बारिश और आंधी का असर
बिहार के लिए 9 सितंबर का मौसम खास तौर पर महत्वपूर्ण है. IMD ने 9 सितंबर को राज्य में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है. इसके साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ गरज-चमक भी हो सकती है.
मौसम विभाग के सात दिन के पूर्वानुमान में बिहार में 9 सितंबर को बारिश को FWS यानी कई स्थानों पर बारिश की श्रेणी में रखा गया है. 10 और 11 सितंबर को भी बारिश जारी रहने की संभावना है, जबकि 12 और 13 सितंबर को बारिश कुछ स्थानों तक सीमित रह सकती है. 14 सितंबर को फिर कई स्थानों पर बारिश की संभावना दर्ज की गई है.
बिहार में खेती के लिहाज से भी मौसम महत्वपूर्ण है. IMD ने धान, मक्का, तिल, अरहर और अन्य खड़ी फसलों वाले खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी है. अत्यधिक गीले खेतों में कुछ समय के लिए खेत संबंधी काम, उर्वरक और पौध संरक्षण से जुड़े काम टालने को कहा गया है.
झारखंड और ओडिशा में भी बारिश बढ़ाएगी परेशानी
9 सितंबर को झारखंड और ओडिशा में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है. झारखंड में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना भी जताई गई है. ओडिशा में भी ऐसी ही स्थिति बन सकती है.
ओडिशा में 10 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. 11 और 12 सितंबर को भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश जारी रह सकती है. मौसम विभाग के अनुसार 10 सितंबर को ओडिशा में बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है.
ओडिशा के लिए IMD ने खेतों में जल निकासी बेहतर रखने और निचले इलाकों से अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह दी है. धान, मक्का, दलहन, कपास और सब्जियों की फसलों वाले खेतों में पानी जमा नहीं होने देना जरूरी है.
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी सक्रिय रहेगा मानसून
गंगीय पश्चिम बंगाल में 9 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है. इसके बाद 10 सितंबर तक भी कई जगह बारिश जारी रह सकती है. सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 से 14 सितंबर के बीच कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने का अनुमान है.
झारखंड में 9 से 11 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बताई गई है. इसके चलते निचले इलाकों में पानी जमा होने और आवागमन प्रभावित होने जैसी स्थानीय समस्याएं सामने आ सकती हैं.
उत्तर-पूर्व के राज्यों में भी तेज बारिश का दौर
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय समेत उत्तर-पूर्व के कई राज्यों में 9 सितंबर को मौसम सक्रिय रहेगा. अरुणाचल प्रदेश में 9 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है. असम-मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में भी भारी बारिश का अनुमान है.
अरुणाचल प्रदेश में 12 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना भी IMD ने जताई है. उत्तर-पूर्व के कई हिस्सों में बारिश का यह दौर 10 से 14 सितंबर के बीच और व्यापक हो सकता है.
मध्य भारत में भी बदल सकता है मौसम
मध्य भारत में 9 सितंबर को मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. छत्तीसगढ़ में भी मौसम सक्रिय रहेगा. IMD के अनुसार 10 सितंबर को छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 10 से 14 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक का दौर रहने का अनुमान है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 से 14 सितंबर के दौरान बारिश बढ़ सकती है. 12 और 13 सितंबर को मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
दक्षिण भारत में आंधी, बिजली और तेज हवाओं का असर
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहेगा. आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 9 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है. आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाओं की भी संभावना है.
तेलंगाना में 9 सितंबर को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है. केरल और माहे में गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने की संभावना है.
10 सितंबर से ओडिशा समेत इन राज्यों में बढ़ेगा बारिश का असर
10 सितंबर को मौसम का असर और व्यापक हो सकता है. ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. असम-मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, केरल-माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम-त्रिपुरा और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है.
10 सितंबर को बिहार, झारखंड, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है. आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं.
11 से 14 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम
11 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, झारखंड, केरल-माहे, पूर्वोत्तर के कई राज्य, ओडिशा, सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम, तमिलनाडु-पुडुचेरी, तेलंगाना और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
12 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, कोंकण-गोवा, तेलंगाना, उत्तराखंड, विदर्भ और कई अन्य इलाकों में भारी बारिश की संभावना है.
13 सितंबर को भी मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात क्षेत्र, कोंकण-गोवा, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कई अन्य इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. बिहार में 13 सितंबर को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है.
14 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. बिहार में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है.
बारिश की वजह क्या है
IMD के मौसम विश्लेषण के मुताबिक मानसून ट्रफ फिरोजपुर, मुजफ्फरनगर, बाराबंकी, छपरा, जमशेदपुर और दीघा होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है. उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है. पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है.
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 11 सितंबर के आसपास पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट के पास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है.
बारिश का आम जनजीवन पर क्या असर पड़ेगा
भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव, निचले इलाकों में पानी भरने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है. IMD ने भारी बारिश और तेज हवाओं से पेड़ों की शाखाएं टूटने, छोटे पेड़ों के उखड़ने, कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने और कच्चे मकानों या दीवारों को क्षति की आशंका बताई है.
भारी बारिश के दौरान दृश्यता कम हो सकती है. कुछ इलाकों में सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है. पहाड़ी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर भूस्खलन, मलबा खिसकने और जलभराव जैसी परिस्थितियां भी बन सकती हैं.
किसानों के लिए जरूरी सलाह
बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों की जल निकासी व्यवस्था पहले से दुरुस्त रखना सबसे जरूरी है. निचले खेतों में जमा अतिरिक्त पानी को निकालने की व्यवस्था रखें. तेज हवाओं की संभावना वाले इलाकों में तैयार फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढकें. बागवानी फसलों और सब्जियों के पौधों को सहारा देने की सलाह भी IMD ने दी है.
पशुपालकों को भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड में रखने और चारा सुरक्षित तथा सूखी जगह पर रखने की सलाह दी गई है. तालाबों में अतिरिक्त पानी निकलने के लिए उचित आउटलेट की व्यवस्था करने को कहा गया है.
आंधी और बिजली से बचने के लिए क्या करें
गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और पानी वाले स्थानों से दूर रहें. IMD ने विशेष रूप से पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने की सलाह दी है. बिजली गिरने की आशंका हो तो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और जल स्रोतों से तुरंत बाहर निकलें.
तेज बारिश के समय गैरजरूरी यात्रा से बचना बेहतर होगा. मौसम तेजी से खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहें. पर्यटन और मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों को भी मौसम की स्थिति के अनुसार नियंत्रित करने की सलाह दी गई है.
9 सितंबर के मौसम की बड़ी बातें एक नजर में
| क्षेत्र | 9 सितंबर का संभावित मौसम |
|---|---|
| बिहार | भारी बारिश, 30-40 किमी/घंटा तेज हवा और गरज-चमक |
| झारखंड | भारी बारिश, तेज हवा और गरज-चमक |
| ओडिशा | भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं |
| पश्चिम बंगाल | भारी बारिश और गरज-चमक |
| उत्तर-पूर्व | कई राज्यों में भारी बारिश और बिजली |
| मध्य प्रदेश | अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक |
| आंध्र प्रदेश | गरज-चमक, तेज हवाएं और मजबूत सतही हवाएं |
| तमिलनाडु-पुडुचेरी | गरज-चमक के साथ तेज हवाएं |
| तेलंगाना | गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटा तेज हवाएं |
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FAQ
1. क्या 9 सितंबर को पूरे बिहार में भारी बारिश होगी?
नहीं. IMD ने बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है. पूरे राज्य में एक समान बारिश होने की बात बुलेटिन में नहीं कही गई है.
2. क्या तेज हवा के साथ बिजली गिरने का खतरा भी है?
हां. बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल-सिक्किम समेत कई क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली की संभावना बताई गई है. इसलिए खुले स्थानों में सावधानी जरूरी है.
3. क्या 10 सितंबर को मौसम और खराब हो सकता है?
कुछ क्षेत्रों में हां. खासकर ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और उत्तर-पूर्व के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है.
4. किसानों को अभी सबसे पहले क्या करना चाहिए?
खेतों में जल निकासी की व्यवस्था जांचनी चाहिए. निचले खेतों में पानी जमा होने से रोकें और अत्यधिक गीली जमीन में जरूरी नहीं होने पर खेत संबंधी काम टालें.
5. बिजली चमकने के दौरान पेड़ के नीचे खड़ा होना सुरक्षित है?
नहीं. IMD ने स्पष्ट रूप से बिजली की स्थिति में पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी है. सुरक्षित पक्की जगह में रहना बेहतर है.
स्रोत: यह मौसम अपडेट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD)


