MP Weather Update 10 September 2026: मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता अभी पूरी तरह थमी नहीं है. 10 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के अनुसार 10 सितंबर को पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक और बिजली की स्थिति बन सकती है. विभाग के पूर्वानुमान में 11 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है.
यह भी पढ़ें- दिल्ली से मुंबई, चेन्नई से गुवाहाटी तक दौड़ेगी तेज रफ्तार! 7 नए हाई-डेंसिटी रेल कॉरिडोर को कैबिनेट की मंजूरी
10 सितंबर को MP में कैसा रहेगा मौसम
गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहने और स्थानीय स्तर पर बारिश होने की संभावना है. कुछ इलाकों में बारिश के साथ तेज हवा, गरज और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है. एक ताजा रिपोर्ट में 10 सितंबर को गुना, नर्मदापुरम, इंदौर, भोपाल, देवास, खंडवा, नरसिंहपुर, उज्जैन, मुरैना, कटनी, नीमच, पन्ना, अशोकनगर और श्योपुर में भारी बारिश की चेतावनी बताई गई है. इन इलाकों में हवा की गति करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
इसके अलावा IMD से जुड़े पूर्वानुमानों में रीवा, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, बालाघाट और मंडला जैसे पूर्वी एवं मध्य हिस्सों में भी 10 सितंबर तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियों की संभावना बताई गई थी.
10 सितंबर को चेतावनी वाले प्रमुख जिले
| मौसम की स्थिति | जिले |
|---|---|
| भारी बारिश का अलर्ट | गुना, नर्मदापुरम, इंदौर, भोपाल, देवास, खंडवा, नरसिंहपुर, उज्जैन, मुरैना, कटनी, नीमच, पन्ना, अशोकनगर, श्योपुर |
| गरज-चमक और बारिश की संभावना | रीवा, सतना, मैहर, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, बालाघाट, मंडला सहित आसपास के जिले |
भोपाल और इंदौर में कैसा रहेगा मौसम
भोपाल में 10 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान बताया गया है. राजधानी में बादल और बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है.
इंदौर में भी बारिश और आंधी-गरज का असर देखने को मिल सकता है. हाल के दिनों में शहर में तेज बारिश से जलभराव और पेड़ गिरने जैसी घटनाएं सामने आई हैं, इसलिए खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना उपयोगी रहेगा.
मौसम बदलने का क्या असर पड़ेगा
बारिश से तापमान में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन तेज बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर फिसलन और यातायात प्रभावित होने की समस्या बढ़ सकती है. तेज हवा के दौरान पेड़, कमजोर होर्डिंग और बिजली के तार गिरने का जोखिम भी रहता है. बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या पानी के आसपास खड़े रहना जोखिम भरा हो सकता है.
किसानों के लिए भी गरज-चमक और तेज हवा के दौरान खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी जरूरी है. फसल और स्थानीय जलभराव की स्थिति को देखते हुए कृषि संबंधी निर्णय स्थानीय कृषि मौसम सलाह के अनुसार लेना बेहतर रहेगा.
लोगों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान
बारिश और आंधी के दौरान घर से निकलने से पहले अपने जिले का ताजा मौसम अपडेट जरूर देखें. बिजली चमकने पर खुले स्थान, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें. वाहन चलाते समय पानी भरी सड़क पर गति कम रखें और जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें. तेज हवा चलने पर घर की खिड़कियां और दरवाजे सुरक्षित तरीके से बंद रखें. बिजली के उपकरणों और खुले तारों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है.
11 सितंबर से फिर बढ़ सकती है बारिश
IMD के अनुसार पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 और 11 सितंबर को गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 11 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी है. इसके बाद 12 और 13 सितंबर को भी दोनों हिस्सों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना बताई गई है.
Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD
यह भी पढ़ें- इंतजार खत्म! 7 दिन बाद 1.25 करोड़ लाडली बहनों के खाते में आएंगे 1500, देखें 40वीं किस्त की पूरी जानकारी
FAQs
1. 10 सितंबर को घर से निकलने से पहले मौसम देखना क्यों जरूरी है?
क्योंकि गरज-चमक और तेज हवा का मौसम अचानक बदल सकता है. पहले से जानकारी होने पर यात्रा का समय या रास्ता बदला जा सकता है.
2. बिजली चमकने पर पेड़ के नीचे खड़ा होना सुरक्षित क्यों नहीं है?
पेड़ ऊंची संरचना होने के कारण बिजली गिरने के दौरान जोखिम बढ़ा सकते हैं. ऐसी स्थिति में पक्की इमारत के अंदर रहना ज्यादा सुरक्षित है.
3. बारिश होने पर भी तेज गर्मी जैसा महसूस क्यों हो सकता है?
बारिश के बीच उमस बनी रहने पर शरीर को गर्मी अधिक महसूस हो सकती है. तापमान कम होने के बावजूद हवा में नमी असहजता बढ़ा सकती है.
4. किसान बारिश और आंधी के दौरान सबसे पहले क्या ध्यान रखें?
बिजली और तेज हवा के दौरान खेत में काम करने से बचना चाहिए. स्थानीय मौसम और कृषि विभाग की सलाह के अनुसार आगे की गतिविधियां तय करना बेहतर है.
5. क्या बारिश का अलर्ट मतलब पूरे जिले में लगातार बारिश होगी?
जरूरी नहीं. मौसम चेतावनी संभावित परिस्थितियों को बताती है. जिले के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की तीव्रता और समय अलग हो सकता है, इसलिए स्थानीय अपडेट देखते रहना जरूरी है.


