Weather Update 10 September 2026: 10 सितंबर को मौसम का बड़ा अलर्ट! ओडिशा में बेहद भारी बारिश, इन राज्यों में भी गरज-चमक और तेज हवाएंदेश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने 10 सितंबर को कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी है. सबसे गंभीर स्थिति ओडिशा को लेकर है, जहां कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
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10 सितंबर को सबसे ज्यादा असर कहां रहेगा
IMD के अनुसार 10 सितंबर, गुरुवार को ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की भी संभावना है. इसके अलावा असम और मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, केरल एवं माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा तथा उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है.
यानी पूर्वी और मध्य भारत के साथ उत्तराखंड और केरल में भी मौसम पर नजर रखना जरूरी रहेगा. खासतौर पर ओडिशा में बारिश की तीव्रता बाकी क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा रहने की आशंका है.
इन इलाकों में आंधी, बिजली और तेज हवाओं का खतरा
10 सितंबर को आंध्र प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम तथा तेलंगाना में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है.
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा तथा उत्तराखंड में भी अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने के साथ आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है. आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं चल सकती हैं.
10 सितंबर की प्रमुख Warning वाली subdivisions हैं: ओडिशा, असम एवं मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, केरल एवं माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा और उत्तराखंड. गरज-चमक और तेज हवाओं के लिए आंध्र प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल, बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम और तेलंगाना समेत कई क्षेत्र शामिल हैं.
मौसम में बदलाव की बड़ी वजह क्या है
IMD के Meteorological Analysis के अनुसार उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे लगे बांग्लादेश तट के ऊपर बना ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इसके प्रभाव से 10 सितंबर को उत्तर बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में Low Pressure Area बनने की संभावना है. यही सिस्टम पूर्वी और आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है.
इसके अलावा मानसून ट्रफ जम्मू, देहरादून, पंतनगर, बाराबंकी, डेहरी, पुरुलिया, दीघा होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में भी एक पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है.
10 सितंबर के बाद भी जारी रहेगा बारिश का दौर
IMD के 7-day forecast के मुताबिक 11 सितंबर को ओडिशा में फिर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, केरल एवं माहे, तेलंगाना और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश हो सकती है. 12 सितंबर को छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि कई राज्यों में भारी बारिश का दौर बना रह सकता है.
13 सितंबर को भी उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात, कोंकण-गोवा, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है. 14 और 15 सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली और पंजाब में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है.
बारिश से क्या असर पड़ सकता है
IMD ने भारी बारिश और तेज हवाओं से पेड़ों की शाखाएं टूटने, छोटे पेड़ों के उखड़ने और बागवानी तथा खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका बताई है. कमजोर ढांचे, कच्चे मकान, दीवारों और सड़कों को भी नुकसान हो सकता है. निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़, inundation और कुछ पहाड़ी इलाकों में landslide या mudslide जैसी स्थिति बन सकती है. भारी बारिश के दौरान visibility घटने से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है.
लोगों को किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए
बारिश और आंधी के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें. बिजली चमकने की स्थिति में पेड़ के नीचे खड़े न हों और सुरक्षित भवन में शरण लें. पानी में खड़े रहने से बचें और बिजली गिरने की आशंका होने पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के plug निकाल दें. मौसम खराब होने पर नदी, तालाब या अन्य जल स्रोतों के आसपास जाने से बचना बेहतर है. IMD ने पर्यटन और recreational activities को मौसम की स्थिति के अनुसार नियंत्रित करने की सलाह दी है.
किसानों को विशेष रूप से खेतों में drainage की व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत है. ओडिशा, झारखंड, बिहार, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश तथा असम-मेघालय के लिए IMD ने जलभराव रोकने और जरूरत के अनुसार खड़ी फसलों को सहारा देने संबंधी agromet advisories जारी की हैं.
10 सितंबर का मौसम: एक नजर में
| क्षेत्र | 10 सितंबर की स्थिति |
|---|---|
| ओडिशा | भारी से बहुत भारी बारिश, कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश |
| असम-मेघालय | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और गरज-चमक |
| बिहार | भारी बारिश, गरज-चमक और 30-40 kmph तक झोंकेदार हवाएं |
| झारखंड | भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं |
| छत्तीसगढ़ | भारी बारिश और बिजली के साथ आंधी |
| गंगीय पश्चिम बंगाल | भारी बारिश और 40-50 kmph तक तेज हवाएं |
| उत्तराखंड | भारी बारिश और बिजली के साथ गरज-चमक |
| केरल एवं माहे | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| पूर्वोत्तर के अन्य हिस्से | बारिश और गरज-चमक की संभावना |
| आंध्र प्रदेश, तेलंगाना | गरज-चमक, तेज हवाएं और कुछ हिस्सों में strong surface winds |
Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग
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FAQ
1. क्या 10 सितंबर को पूरे ओडिशा में बहुत भारी बारिश होगी?
नहीं. IMD ने अलग-अलग स्थानों पर Heavy to Very Heavy और isolated Extremely Heavy Rainfall की संभावना जताई है. इसका मतलब पूरे राज्य में एक जैसी बारिश होना नहीं है.
2. क्या यह Red Alert है?
बुलेटिन में चेतावनी रंगों को लेकर IMD ने स्पष्ट किया है कि Red color warning का अर्थ अपने आप “Red Alert” नहीं है, बल्कि इसका मतलब “Take Action” है.
3. किन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा है?
इस bulletin में जिला-वार सूची नहीं दी गई है. इसलिए सही जानकारी के लिए संबंधित राज्य के स्थानीय IMD या मौसम केंद्र की district-level warning देखना जरूरी होगा.
4. क्या बारिश से बाढ़ आ सकती है?
भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में localised waterlogging, inundation और flooding हो सकती है. पहाड़ी क्षेत्रों में landslide या mudslide का जोखिम भी बन सकता है.
5. बिजली चमकने पर सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
पेड़ के नीचे शरण न लें, पानी से बाहर निकलें और सुरक्षित भवन में रहें. IMD ने बिजली गिरने की आशंका में electrical और electronic appliances को unplug करने की भी सलाह दी है.


