MP Weather Update 11 September 2026: मध्य प्रदेश में शुक्रवार से कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के मौसम केंद्र भोपाल ने जारी मौसम बुलेटिन में 11 सितंबर को बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है. खास तौर पर सीधी, रीवा और सतना में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं की संभावना जताई गई है.
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11 सितंबर को कहां-कहां बारिश के आसार
IMD के अनुसार 11 सितंबर को भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, नरसिंहपुर, सागर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.
अनूपपुर, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, छतरपुर और पांढुर्णा में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है. वहीं सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, पन्ना और मैहर में अनेक स्थानों पर बारिश हो सकती है.
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
| चेतावनी | जिले |
|---|---|
| भारी बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी/घंटा की तेज हवाएं | सीधी, रीवा, सतना |
| गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी/घंटा की झोंकेदार हवाएं | भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा |
क्यों सक्रिय है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 9.4 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है. इसके अलावा मानसून ट्रफ और ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण भी मौसम को प्रभावित कर रहे हैं.
बारिश का असर क्या हो सकता है
भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और अंडरपास में पानी भरने की समस्या हो सकती है. नदियों और जलप्रपातों का जलस्तर बढ़ने से निचले पुलों और सड़कों पर अस्थायी आवाजाही प्रभावित हो सकती है. तेज हवाओं के दौरान पेड़, बिजली के तार और निर्माणाधीन ढांचे भी जोखिम पैदा कर सकते हैं.
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और धातु की संरचनाओं से दूर रहें. संभव हो तो अनावश्यक यात्रा टालें. वाहन चलाते समय गति कम रखें और पुलों तथा खुले ऊंचे रास्तों पर विशेष सावधानी बरतें. बिजली चमकने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को पावर से अलग करना भी सलाह में शामिल है.
किसानों के लिए सलाह
भारी बारिश और तेज हवा के दौरान सिंचाई तथा खरपतवारनाशी, कीटनाशी और उर्वरकों का छिड़काव टालने की सलाह दी गई है. निचले खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें. सब्जियों, बेल वाली फसलों और युवा फलदार पौधों को सहारा दें. कटी हुई उपज, बीज, खाद, कीटनाशी और कृषि उपकरणों को सूखी और सुरक्षित जगह पर रखें. पशुओं को खुले में न छोड़ें और उनके लिए सुरक्षित, सूखा आश्रय तथा पर्याप्त पानी और सूखा चारा उपलब्ध रखें.
भोपाल का मौसम कैसा रहेगा
भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में 11 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है. दोपहर या शाम की तरफ भी आंशिक बादल रहने की संभावना है. औसत हवा की गति 14 से 16 किलोमीटर प्रति घंटा और अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान क्रमशः 32 और 23 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है.
पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसम
10 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक रीवा संभाग में अनेक स्थानों पर और शहडोल संभाग में कुछ स्थानों पर बारिश दर्ज हुई. उज्जैन, जबलपुर और सागर संभाग में कहीं-कहीं बारिश हुई. प्रदेश में सबसे अधिक 35.2 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस धार और खरगोन में दर्ज किया गया.
FAQ
1. 11 सितंबर को MP में सबसे ज्यादा बारिश कहां हो सकती है?
IMD ने सीधी, रीवा और सतना में भारी बारिश की संभावना के साथ चेतावनी जारी की है.
2. क्या तेज हवा भी चलेगी?
हां. चेतावनी वाले क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है.
3. क्या आकाशीय बिजली का खतरा है?
हां. कई जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली की चेतावनी दी गई है. ऐसे समय खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए.
4. बारिश में किसानों को सबसे पहले क्या ध्यान रखना चाहिए?
खेतों में जल निकासी रखें, तेज मौसम के दौरान छिड़काव रोकें और कटी उपज तथा कृषि सामग्री को सुरक्षित, सूखी जगह पर रखें.
5. क्या 11 सितंबर को पूरे मध्य प्रदेश में भारी बारिश होगी?
नहीं. पूर्वानुमान में अलग-अलग क्षेत्रों के लिए बारिश की अलग तीव्रता बताई गई है. कुछ जिलों में अनेक स्थानों पर, कुछ में कुछ स्थानों पर और कई जिलों में कहीं-कहीं बारिश की संभावना है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम केंद्र भोपाल, मध्य प्रदेश.


