Faridabad New Sectors: स्मार्ट सिटी फरीदाबाद के विस्तार को लेकर बड़ी योजना सामने आई है. अगर सरकार की योजना सिरे चढ़ती है तो यमुना नदी के किनारे नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे. यहां भविष्य में नोएडा की तर्ज पर ऊंची-ऊंची गगनचुंबी इमारतें भी नजर आ सकती हैं.
बुधवार को सेक्टर-12 में शहरी विकास प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी की अध्यक्षता में हुई 14वीं अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक में यमुना से सटे इलाकों के शहरी विस्तार और बाढ़ प्रबंधन की संभावनाओं पर चर्चा हुई. अधिकारियों को इन क्षेत्रों में भविष्य के विकास की संभावनाओं और जमीन की स्थिति को लेकर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.
यमुना किनारे नए सेक्टर बसाने की तैयारी
बैठक में यमुना से सटे इलाकों में शहरी विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की गई. सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था, संभावित बांध और उससे जुड़े कार्यों की जानकारी जुटाने को कहा गया है. अधिकारियों से संबंधित क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति और वहां विकास की संभावनाओं की रिपोर्ट मांगी गई है. इसका उद्देश्य भविष्य में नए सेक्टर विकसित करने के लिए जमीन, बाढ़ सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति स्पष्ट करना है. अगर यह योजना आगे बढ़ती है तो फरीदाबाद के यमुना किनारे के इलाकों का स्वरूप तेजी से बदल सकता है और यहां बड़े आवासीय एवं व्यावसायिक प्रोजेक्ट विकसित होने की संभावना है.
17-18 किलोमीटर क्षेत्र में बढ़ेगी हरियाली
बैठक में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दोनों ओर करीब 17 से 18 किलोमीटर क्षेत्र में हरित पट्टी विकसित करने की योजना की भी जानकारी दी गई. करीब 26 करोड़ रुपये की यह परियोजना दो हिस्सों में लागू की जा रही है. लगभग 5.25 किलोमीटर क्षेत्र में पौधरोपण का काम चल रहा है.
प्रदूषण रोकने के लिए सड़कों की सफाई पर जोर
सितंबर 2026 से मार्च 2027 तक लागू होने वाले ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी GRAP को देखते हुए शहर में सड़क सफाई पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है. इसके तहत नियमित रोड स्वीपिंग, सड़कों की सफाई और बारिश के बाद किनारों पर जमा गाद हटाने जैसे काम किए जाएंगे. निर्माण एवं विध्वंस (C&D) कचरे वाली साइटों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
निर्माण स्थलों पर धूल रोकने की होगी निगरानी
निर्माण स्थलों पर धूल को नियंत्रित करने के लिए हरी जाली, हवा रोकने वाले अवरोधक और प्रदूषण मापने वाले सेंसर जैसी व्यवस्थाओं की निगरानी की जाएगी. नगर निगम क्षेत्र में कचरा जमा करने के लिए पांच सेकेंडरी कलेक्शन सेंटर भी चिन्हित किए गए हैं.
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इलेक्ट्रिक बसों से मजबूत होगा पब्लिक ट्रांसपोर्ट
फरीदाबाद में प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों के मुताबिक बस सेवा से संबंधित कन्सेशन समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और बसों के परीक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है.


