Weather Update 12 September 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून अभी सक्रिय बना हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने जारी अपने ऑल इंडिया वेदर समरी एंड फोरकास्ट बुलेटिन में 12 सितंबर, शनिवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी दी है. मध्य भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर, पश्चिमी भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है.
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12 सितंबर को कहां भारी बारिश की चेतावनी
IMD के मुताबिक 12 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, गुजरात रीजन, कोंकण और गोवा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तेलंगाना तथा उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
इस दौरान कुछ क्षेत्रों में बारिश का असर सामान्य गतिविधियों पर भी पड़ सकता है. खासकर निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर फिसलन और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है. IMD ने भारी बारिश के दौरान जलभराव, बाढ़, भूस्खलन और दृश्यता कम होने जैसी परिस्थितियों की संभावना भी बताई है.
इन राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर
12 सितंबर को तटीय आंध्र प्रदेश में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले थंडरस्क्वॉल की संभावना जताई गई है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा विदर्भ में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है.
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान में भी अलग-अलग स्थानों पर बिजली के साथ गरज-चमक की चेतावनी है.
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का जोर
पूर्वोत्तर भारत में मौसम सक्रिय रहने वाला है. अरुणाचल प्रदेश में 12 सितंबर से 17 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश की संभावना है. असम और मेघालय में 11-12 सितंबर तथा 15-17 सितंबर के दौरान काफी व्यापक बारिश हो सकती है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11-14 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है.
12 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है. बिहार में 11-17 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है.
मध्य भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर बना हुआ है. IMD ने 11-14 सितंबर के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में काफी व्यापक से व्यापक बारिश की संभावना जताई है. छत्तीसगढ़ में 11-15 सितंबर तक बारिश का असर रह सकता है. 12 सितंबर को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी है.
विदर्भ में 11-12 सितंबर को गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं, जो झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं.
पश्चिमी भारत में बारिश के साथ तेज हवा
पश्चिमी भारत में भी 12 सितंबर से मौसम बदलने वाला है. गुजरात रीजन में 12-15 सितंबर, कोंकण और गोवा में 11-17 सितंबर, जबकि मध्य महाराष्ट्र में 13-17 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है. मराठवाड़ा में 12-13 सितंबर और सौराष्ट्र एवं कच्छ में 13-15 सितंबर के दौरान बारिश का जोर रह सकता है.
12 सितंबर को कोंकण और गोवा तथा मराठवाड़ा में भारी बारिश हो सकती है. मध्य महाराष्ट्र और गुजरात रीजन में भी भारी बारिश की संभावना है. सौराष्ट्र और कच्छ में 13 और 15 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान है.
उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम
उत्तर-पश्चिम भारत में 12 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है. पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली तथा पंजाब में 11-17 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश जारी रहने की संभावना है. पूर्वी राजस्थान में 12-13 सितंबर और फिर 17 सितंबर को बारिश हो सकती है.
13 सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पूर्वी राजस्थान तथा पंजाब में भारी बारिश की संभावना है. 14 सितंबर को भी हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली तथा पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश का अनुमान दिया गया है.
फ्लैश फ्लड का जोखिम, इन जिलों पर खास नजर
IMD ने 12 सितंबर शाम 5:30 बजे तक कुछ इलाकों में कम से मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड जोखिम की चेतावनी जारी की है. हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और शिमला जिलों में यह जोखिम बताया गया है.
उत्तराखंड में बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, गढ़वाल पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिले फ्लैश फ्लड रिस्क वाले इलाकों में शामिल हैं. IMD के अनुसार अगले 24 घंटे में संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में बारिश के कारण सतही बहाव या जलभराव हो सकता है.
12 सितंबर को देशभर में बारिश का ट्रेंड
IMD के 7 दिन के पूर्वानुमान के अनुसार 12 सितंबर को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, गुजरात रीजन, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप में कई या अधिकांश स्थानों पर बारिश की संभावना है. उत्तराखंड में भी काफी व्यापक बारिश का अनुमान है.
भारी बारिश का असर क्या हो सकता है
IMD के अनुसार बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं और केले, पपीता तथा अन्य छोटे पेड़ उखड़ सकते हैं. बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है. कमजोर ढांचों, कच्चे मकानों, दीवारों और सड़कों को भी नुकसान हो सकता है.
भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़, भूस्खलन और मिट्टी खिसकने जैसी स्थिति बन सकती है. सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है तथा बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है.
बारिश और बिजली के दौरान क्या सावधानी बरतें
बारिश और आंधी के दौरान मौसम की स्थिति पर नजर रखें और परिस्थितियां बिगड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहें. बिजली गिरने की आशंका हो तो पेड़ों के नीचे खड़े न हों. खुले मैदान, पानी के स्रोत और बिजली प्रवाहित करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखें.
बिजली की गतिविधि बढ़ने पर इलेक्ट्रॉनिक और विद्युत उपकरणों को सुरक्षित तरीके से अनप्लग करना उचित है. जलभराव वाले स्थानों से निकलते समय विशेष सावधानी बरतें. पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की चेतावनी वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर है. IMD ने पर्यटन और मनोरंजक गतिविधियों को मौसम की स्थिति के अनुसार नियंत्रित करने की सलाह दी है.
किसानों के लिए जरूरी सलाह
भारी बारिश वाले इलाकों में खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और जलनिकासी व्यवस्था साफ रखने की सलाह दी गई है. मध्य प्रदेश में सोयाबीन, कपास, मक्का और गन्ने की फसलों में जलभराव रोकने के लिए उचित ड्रेनेज बनाए रखने को कहा गया है. बिहार में धान, मक्का, तिल और अरहर सहित खड़ी फसलों में पानी जमा न होने देने की सलाह है.
ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और जलनिकासी चैनलों को साफ रखने की सलाह दी गई है. तेज हवाओं की आशंका वाले क्षेत्रों में बागवानी फसलों और सब्जियों को सहारा देने तथा कटी हुई फसल को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने की सलाह दी गई है.
समुद्री इलाकों के लिए भी चेतावनी
12 सितंबर को उत्तर आंध्र प्रदेश के तट से लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा और झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति वाला खराब मौसम रहने की संभावना है. अरब सागर में सोमालिया तट से लगे कुछ हिस्सों में 45-55 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा और झोंकों में 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार की चेतावनी है.
अगले कुछ दिनों में कहां बढ़ेगा बारिश का असर
13 सितंबर को गुजरात रीजन, मध्य महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. 14 सितंबर को गुजरात और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. 16 और 17 सितंबर को असम और मेघालय, बिहार तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का पूर्वानुमान है.
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FAQs
1. 12 सितंबर को बारिश की खबर सुनकर सबसे पहले क्या देखना चाहिए?
सबसे पहले अपने इलाके की स्थानीय चेतावनी, बारिश की स्थिति और यात्रा की जरूरत देखें. केवल पूरे राज्य के पूर्वानुमान के आधार पर फैसला लेने के बजाय स्थानीय मौसम अपडेट पर ध्यान देना ज्यादा उपयोगी है.
2. अगर मेरे जिले का नाम चेतावनी में नहीं है तो क्या बारिश का खतरा नहीं है?
ऐसा जरूरी नहीं है. IMD कई चेतावनियां राज्य या मौसम उप-इकाई के स्तर पर जारी करता है. इसलिए अपने जिले के स्थानीय मौसम अपडेट को भी देखना चाहिए.
3. बारिश के दौरान लोग सबसे ज्यादा कौन सी गलती करते हैं?
तेज बिजली और आंधी के दौरान खुले में रहना, पेड़ के नीचे खड़ा होना या जलभराव वाले रास्ते से निकलने की कोशिश करना जोखिम बढ़ा सकता है. मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित जगह पर रहना बेहतर है.
4. फ्लैश फ्लड की चेतावनी सुनकर क्या करना चाहिए?
निचले इलाकों और तेज बहाव वाले रास्तों से दूरी बनानी चाहिए. अगर प्रशासन या स्थानीय व्यवस्था सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह देती है तो उसे गंभीरता से लेना चाहिए.
5. क्या 12 सितंबर को पूरे देश में लगातार बारिश होगी?
नहीं. IMD का पूर्वानुमान अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की अलग-अलग तीव्रता और वितरण बताता है. कुछ जगहों पर व्यापक बारिश होगी, जबकि कई क्षेत्रों में बारिश अलग-अलग स्थानों तक सीमित रह सकती है.


