Weather Update 22 September 2026: मंगलवार, 22 सितंबर से देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज सक्रिय रहने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के 21 सितंबर 2026 को रात 9:05 बजे जारी ऑल इंडिया वेदर समरी एंड फोरकास्ट बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन अगले 24 घंटे में और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल सकता है. इसके बाद इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की शुरुआती घंटों के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटों के बीच से गुजरने की संभावना है.
22 सितंबर को कहां होगी भारी बारिश
IMD के 22 सितंबर यानी Day 2 के पूर्वानुमान के मुताबिक, तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कर्नाटक, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र तथा तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
यहां एक जरूरी बात यह है कि उपलब्ध IMD बुलेटिन में चेतावनी मौसम उपखंडों और राज्यों के स्तर पर दी गई है, जिलेवार चेतावनी वाले जिलों की सूची नहीं दी गई है. इसलिए जिले के नाम जोड़ना उपलब्ध आधिकारिक स्रोत से समर्थित नहीं होगा.
22 सितंबर को आंधी, बिजली और तेज हवाओं का असर
22 सितंबर को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा, तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, केरल एवं माहे, लक्षद्वीप तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने की संभावना जताई गई है.
23 सितंबर से और बढ़ेगा बारिश का दायरा
23 सितंबर को मौसम की सक्रियता और बढ़ सकती है. तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की भी संभावना है. छत्तीसगढ़, कर्नाटक और तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. असम और मेघालय, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, केरल एवं माहे, कोंकण और गोवा, महाराष्ट्र तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है.
23 सितंबर को छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वॉल की स्थिति बन सकती है. आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तेज सतही हवाओं की भी संभावना है.
24 सितंबर को इन क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश
24 सितंबर को छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. मध्य प्रदेश, विदर्भ, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, केरल एवं माहे तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश की संभावना है.
25 से 27 सितंबर तक उत्तर और मध्य भारत में सक्रिय रहेगा मौसम
25 सितंबर को बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, केरल एवं माहे, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, विदर्भ तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश हो सकती है. उत्तर प्रदेश में गरज-चमक और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की भी संभावना है.
26 सितंबर को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. बिहार, झारखंड, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश तथा विदर्भ में भारी बारिश हो सकती है. 27 सितंबर को उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश और बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है.
पश्चिम और दक्षिण भारत में भी बारिश का असर
22 सितंबर को कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. IMD के सात दिन के पूर्वानुमान में विदर्भ, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी अगले कुछ दिनों तक व्यापक या काफी व्यापक बारिश का संकेत दिया गया है. केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप सहित दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर बना रह सकता है.
बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन से समुद्री गतिविधियों पर असर
IMD के अनुसार 21 सितंबर की शाम डिप्रेशन पश्चिम-मध्य और उससे लगे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में मौजूद था. इसके अगले 24 घंटे में डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना थी. 22 सितंबर को बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकों वाली हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ समुद्री हिस्सों में 45-55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार और 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंके संभव हैं. 23 सितंबर से पश्चिम-मध्य और उससे लगे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में हवा की रफ्तार 55-65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिसमें 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंके संभव हैं.
उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की वापसी शुरू
21 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून राजस्थान के कुछ और हिस्सों तथा हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों से वापस लौट चुका है. IMD ने कहा है कि अगले 2-3 दिनों में पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, राजस्थान के कुछ और हिस्सों तथा सौराष्ट्र-कच्छ, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं.
बारिश से क्या असर पड़ सकता है
IMD के प्रभाव आकलन के अनुसार बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं की स्थिति में पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं और केले, पपीता तथा अन्य कमजोर पौधों को नुकसान हो सकता है. खड़ी फसलों और बागवानी फसलों को नुकसान की संभावना रहती है. कमजोर ढांचों, कच्चे मकानों, दीवारों और सड़कों को आंशिक नुकसान हो सकता है. निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़, सड़क और रेल यातायात में परेशानी तथा कुछ स्थानों पर भूस्खलन या मिट्टी खिसकने जैसी स्थिति बन सकती है. भारी बारिश के दौरान दृश्यता भी कम हो सकती है.
आम लोगों और किसानों के लिए जरूरी सावधानी
बारिश और मौसम की स्थिति बिगड़ने पर स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की जानकारी पर नजर रखें. बिजली चमकने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें और सुरक्षित स्थान पर रहें. पानी में खड़े होने से बचना चाहिए तथा बिजली गिरने की आशंका के समय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सुरक्षित तरीके से अनप्लग करने की सलाह IMD ने दी है. पर्यटन और मनोरंजक गतिविधियों को मौसम की स्थिति के अनुसार नियंत्रित करने की सलाह भी दी गई है.
किसानों के लिए IMD ने जलभराव वाले खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी, जरूरत के अनुसार सिंचाई और कृषि गतिविधियों को बारिश के दौरान टालने तथा फसलों और बागवानी पौधों को सहारा देने की सलाह दी है. तेज हवा की स्थिति में तैयार उपज को सुरक्षित या ढककर रखने और कमजोर पौधों को सहारा देने की सलाह भी दी गई है.
22 सितंबर 2026 का देश का मौसम: एक नजर में
| क्षेत्र | 22 सितंबर का प्रमुख पूर्वानुमान |
|---|---|
| तटीय आंध्र प्रदेश | भारी से बहुत भारी बारिश |
| ओडिशा | भारी से बहुत भारी बारिश |
| असम-मेघालय | भारी बारिश |
| छत्तीसगढ़ | भारी बारिश |
| गंगीय पश्चिम बंगाल | भारी बारिश |
| झारखंड | भारी बारिश |
| कर्नाटक | भारी बारिश |
| कोंकण-गोवा | भारी बारिश |
| मध्य महाराष्ट्र | भारी बारिश |
| तेलंगाना | भारी बारिश |
| कई पूर्वोत्तर क्षेत्र | गरज-चमक और बिजली |
| गुजरात, झारखंड, कर्नाटक आदि | 30-40 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं के साथ गरज-चमक |
मौसम को लेकर लोगों के मन में उठने वाले 5 सवाल
1. क्या 22 सितंबर को पूरे देश में बारिश होगी? नहीं. IMD के सात दिन के पूर्वानुमान में अलग-अलग क्षेत्रों के लिए बारिश की अलग-अलग तीव्रता बताई गई है और पश्चिमी राजस्थान जैसे कुछ क्षेत्रों में इस अवधि में बारिश की संभावना नहीं बताई गई है.
2. सबसे ज्यादा बारिश का खतरा कहां बताया गया है? 22 सितंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है. 23 सितंबर को भी इन दोनों क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश की संभावना बताई गई है.
3. क्या उत्तर प्रदेश में 22 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी है? 22 सितंबर के Day 2 बुलेटिन में उत्तर प्रदेश को भारी बारिश वाले क्षेत्रों की सूची में शामिल नहीं किया गया है. हालांकि आगे 23-24 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश और 24 सितंबर से गरज-चमक की गतिविधि बढ़ने का पूर्वानुमान है.
4. क्या बंगाल की खाड़ी का सिस्टम आगे भी असर डालेगा? हां. IMD के अनुसार डिप्रेशन के डीप डिप्रेशन में मजबूत होने और 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की शुरुआती अवधि में उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट के बीच से गुजरने की संभावना है.
5. क्या समुद्र में जाने वालों के लिए भी खतरा है? बंगाल की खाड़ी में 22 से 24 सितंबर के बीच कई समुद्री क्षेत्रों में तेज और झोंकेदार हवाओं के साथ समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने की संभावना बताई गई है. इसलिए समुद्री गतिविधियों में मौसम संबंधी आधिकारिक सलाह को प्राथमिकता देना जरूरी है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग


