MP Mausam 23 September 2026: मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई से ठीक पहले प्रदेश में झमाझम बारिश का एक और नया दौर शुरू होने जा रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और मौसम केंद्र भोपाल के ताजा बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन (अवदाव) के कारण आज 23 सितंबर को राज्य के पूर्वी और मध्य हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी. IMD ने जबलपुर, शहडोल और रीवा संभाग के कई जिलों के लिए मेघगर्जन और वज्रपात के साथ मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.
23 सितंबर को आपके संभाग का हाल
बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के चलते राज्य के विभिन्न संभागों में मौसम का मिज़ाज इस प्रकार रहने का अनुमान है:
| संभाग | संभावित मौसम और बारिश की स्थिति |
| जबलपुर संभाग | जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला और बालाघाट में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बौछारें पड़ने की संभावना। |
| शहडोल व रीवा संभाग | अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, सतना और रीवा जिलों में बादल छाए रहेंगे, गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट। |
| सागर संभाग | दमोह, सागर और छतरपुर में रुक-रुक कर बारिश होने और आकाशीय बिजली चमकने के आसार हैं। |
| भोपाल व नर्मदापुरम | आसमान में आंशिक रूप से बादल रहेंगे; शाम के समय भोपाल, सीहोर और नर्मदापुरम के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। |
| इंदौर व उज्जैन संभाग | मालवा-निमाड़ अंचल में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा, हालांकि कहीं-कहीं स्थानीय प्रभाव से हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। |
IMD का आधिकारिक अपडेट: क्यों बदल रहा है मौसम?
मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के मौसम विज्ञानी प्रमेंद्र कुमार के अनुसार, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन तंत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है. यह इस मानसूनी सीजन की विदाई से पहले का आखिरी सक्रिय वेदर सिस्टम है. इसके प्रभाव से 23 सितंबर की शाम से बारिश का सिलसिला शुरू होकर 25 और 26 सितंबर को और अधिक तीव्र हो सकता है.
आधिकारिक संदर्भ: मौसम विभाग की दैनिक रिपोर्ट और मानचित्र अपडेट के लिए IMD Weather Bulletin Link पर विजिट करें.
सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश (Weather Advisory)
मौसम विभाग ने भारी बारिश और वज्रपात की संभावना वाले इलाकों में नागरिकों की सुरक्षा के लिए अलर्ट जारी किया है:
- आकाशीय बिजली से बचाव: बारिश या बादल गरजने के दौरान खुले खेतों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें.
- जलभराव से सावधानी: निचले इलाकों या जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाने से बचें.
- किसानों के लिए सलाह: पककर तैयार फसलों की कटाई या थ्रेशिंग का काम बारिश की चेतावनी वाले जिलों में फिलहाल रोक दें.


