बाराबंकी: यूपी के बाराबंकी-गोंडा मार्ग पर केसरीपुर के पास रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है. यहां करीब 850 मीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनाया जाएगा. लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम और रेलवे ने आपसी समन्वय से ओवरब्रिज का प्रस्ताव और नक्शा तैयार कर लिया है. अब शासन की मंजूरी के बाद निर्माण की अगली प्रक्रिया शुरू होगी.
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केसरीपुर के पास रेलवे लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही के दौरान फाटक बंद होने से बाराबंकी-गोंडा मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है. यह मार्ग व्यस्त होने के कारण सुबह से देर शाम तक कई बार जाम की स्थिति बनती है. इससे स्कूली वाहनों, बसों, एंबुलेंस और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
तीन रेलवे लाइनों के ऊपर से गुजरेगा ROB
प्रस्तावित ओवरब्रिज की लंबाई करीब 850 मीटर होगी. यह पुल तीन समानांतर रेलवे लाइनों के ऊपर से गुजरेगा. इसके दोनों तरफ पहुंच मार्ग भी तैयार किए जाएंगे, जिससे वाहन रेलवे फाटक पर बिना रुके आवागमन कर सकेंगे.
ओवरब्रिज बनने के बाद ट्रेनों के गुजरने के दौरान रेलवे फाटक बंद होने से सड़क यातायात प्रभावित नहीं होगा. इससे बाराबंकी-गोंडा मार्ग पर सफर करने वाले हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है.
महादेवा फोरलेन से भी जुड़ेगा
अधिकारियों के मुताबिक, केसरीपुर ओवरब्रिज को फोरलेन बनने जा रहे महादेवा मार्ग से भी जोड़ा जाएगा. बीते 21 जुलाई को लोधेश्वर महादेवा कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री ने महादेवा मार्ग को फोरलेन करने और जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए आरओबी का प्रस्ताव तैयार कराने के निर्देश दिए थे.
इसके बाद संबंधित विभागों ने ओवरब्रिज की योजना पर काम शुरू किया. ओवरब्रिज और महादेवा मार्ग के फोरलेन होने के बाद बाराबंकी शहर की ओर से आने वाले वाहनों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है.
शासन की मंजूरी के बाद बनेगा डिजाइन और स्टीमेट
ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम और रेलवे के अधिकारियों के बीच समन्वय से प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है. शासन से मंजूरी मिलने के बाद विस्तृत डिजाइन और निर्माण का स्टीमेट तैयार किया जाएगा.
सेतु निगम लखनऊ के अधिशासी अभियंता इंजीनियर आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि केसरीपुर रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की समस्या दूर करने के लिए करीब 850 मीटर लंबे ओवरब्रिज का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है. स्वीकृति मिलने के बाद डिजाइन और स्टीमेट तैयार कर निर्माण की आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
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ओवरब्रिज बनने के बाद केसरीपुर रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की समस्या कम होने के साथ ही लोधेश्वर महादेवा मार्ग पर यातायात सुगम होने की उम्मीद है. इससे आसपास के गांवों और कस्बों से आने-जाने वाले लोगों को भी राहत मिलेगी.


