मुंबई: साउथ सिनेमा के सुपरस्टार अल्लू अर्जुन ने अपने ‘पुष्पा’ निर्देशक सुकुमार को नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीतने पर बधाई दी है. मंगलवार को गुजरात के केवड़िया में आयोजित 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड समारोह में सुकुमार को फिल्म ‘पुष्पा 2: द रूल’ के लिए सर्वश्रेष्ठ मौलिक पटकथा का पुरस्कार दिया गया. सुकुमार की जीत के बाद अल्लू अर्जुन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक खास पोस्ट शेयर किया. उन्होंने लिखा कि वह इस पल का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे और सुकुमार का यह सम्मान उनके लिए भी उतना ही खास है.
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पुष्पा के दोनों हिस्सेदारों को मिला नेशनल अवॉर्ड
अल्लू अर्जुन ने लिखा कि मेरे निर्देशक सुकुमार गरु को दिल से बधाई! मैं इस पल का लंबे समय से इंतजार कर रहा था. यह अवॉर्ड मेरे लिए भी उतना ही मायने रखता है जितना मेरा अवॉर्ड. आखिरकार, हम दोनों को #PUSHPA के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला. आभारी हूं. दरअसल, अल्लू अर्जुन को इससे पहले ‘पुष्पा: द राइज’ में पुष्पा राज के किरदार के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिल चुका है. अब ‘पुष्पा 2’ के लिए सुकुमार को पटकथा लेखन का राष्ट्रीय सम्मान मिलने के बाद फिल्म की टीम ने भी इस उपलब्धि का जश्न मनाया.
‘पुष्पा 2’ के लिए मिला सम्मान
फिल्म के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से भी सुकुमार को बधाई दी गई. पोस्ट में फिल्म की कहानी और उसके प्रभाव का जिक्र करते हुए सुकुमार को ‘पुष्पा 2: द रूल’ के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा लेखक का पुरस्कार मिलने पर शुभकामनाएं दी गईं. दिसंबर 2024 में रिलीज हुई ‘पुष्पा 2: द रूल’ ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड बनाए. फिल्म में अल्लू अर्जुन ने पुष्पा राज की भूमिका निभाई, जबकि रश्मिका मंदाना और फहाद फासिल भी अहम भूमिकाओं में नजर आए.
पहली बार गुजरात में हुआ नेशनल फिल्म अवॉर्ड समारोह
मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात के केवड़िया में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए. इस साल पहली बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड समारोह गुजरात में आयोजित किया गया. केवड़िया 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए भी प्रसिद्ध है. सरदार वल्लभभाई पटेल की इस प्रतिमा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को राष्ट्र को समर्पित किया था.
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1954 में हुई थी नेशनल अवॉर्ड की शुरुआत
नेशनल फिल्म अवॉर्ड की शुरुआत 1954 में हुई थी. ये भारतीय सिनेमा के प्रमुख राष्ट्रीय सम्मानों में शामिल हैं. पुरस्कारों के जरिए फीचर फिल्म, नॉन-फीचर फिल्म और सिनेमा लेखन समेत फिल्म निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य को सम्मानित किया जाता है.


