Lucknow News: उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटे से ज्यादा समय से जारी भारी बारिश और तेज हवाओं ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित किया है. कई जगह जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने हैं, वहीं आंधी-तूफान और अतिवृष्टि से मकानों को नुकसान पहुंचा है. किसानों की खेतों में खड़ी धान की फसल भी प्रभावित हुई है. हालात को देखते हुए प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं.
राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों से संवाद कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने सभी डीएम, एडीएम और आपदा विशेषज्ञों को मौके पर रहकर प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए.
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राहत कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
राहत आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी जाएं और जरूरत के मुताबिक तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने राहत सामग्री और सहायता राशि का वितरण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए समय-सीमा तय कर कार्रवाई करने को कहा.
सामान्य से 775 प्रतिशत ज्यादा बारिश
राहत आयुक्त के मुताबिक, 25 सितंबर से 27 सितंबर की सुबह तक उत्तर प्रदेश में 66.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 7.6 मिलीमीटर होती है. इस तरह प्रदेश में बारिश सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक रही. प्रदेश के 75 जिलों में से 56 जिलों में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई है. सबसे ज्यादा अंतर वाले जिलों में फर्रुखाबाद में सामान्य से 7385 प्रतिशत, कन्नौज में 5664 प्रतिशत, शाहजहांपुर में 4408 प्रतिशत, हमीरपुर में 4240 प्रतिशत और महोबा में 4100 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई.
56 लोगों की मौत, 107 पशुओं की भी गई जान
पिछले 60 घंटों में अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 56 लोगों की मौत, 107 पशुहानि और 1,021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है. इसके अलावा 46 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है. जनहानि के मामले में सीतापुर में 7, लखीमपुर खीरी में 5, बहराइच में 5, बलरामपुर में 5, अयोध्या में 4 और गोरखपुर में 4 लोगों की मौत की सूचना है. घायलों में हरदोई में 7, मैनपुरी में 5, श्रावस्ती में 5 और बाराबंकी में 5 लोग शामिल हैं. सीतापुर और लखीमपुर खीरी में भी 3-3 लोगों के घायल होने की सूचना है.
फसल नुकसान का होगा तत्काल आकलन
बारिश और तेज हवाओं से प्रभावित किसानों के लिए भी राहत आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. उन्होंने फसल क्षति का तत्काल सर्वे और आकलन कर नियमानुसार मुआवजा देने की कार्रवाई सर्वोच्च प्राथमिकता पर करने को कहा है. जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए जरूरत के अनुसार वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं. पात्र परिवारों को नियमानुसार आवास योजनाओं का लाभ दिलाने को भी कहा गया है.
बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाने से बचें
जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत एवं बचाव दल लगातार रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं. रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ जरूरी राहत सामग्री और सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जलभराव और बाढ़ प्रभावित इलाकों में अनावश्यक आवागमन से बचें. नदियों और नालों के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. आपातकालीन सहायता के लिए राहत आयुक्त कार्यालय की हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क किया जा सकता है.
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