Gold Silver Price: 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के कारण कमोडिटी मार्केट में ट्रेडिंग नहीं हो रही है. इसके चलते आज IBJA भी गोल्ड और सिल्वर के रेट जारी नहीं करेगा. यानी घरेलू बाजार में आज सोने-चांदी की कीमतों पर कारोबार शांत है. हालांकि, इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतों में मामूली बढ़त देखने को मिल रही है.
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिवाली तक सोने के भाव कहां तक पहुंच सकते हैं. केडिया कमोडिटीज के प्रेसीडेंट अजय केडिया के मुताबिक, सोने की कीमत दिवाली या 2026 के आखिर तक ₹1,80,000 प्रति 10 ग्राम के पार जा सकती है.
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आज इंटरनेशनल मार्केट में क्या हैं सोने-चांदी के रेट
इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतों में मामूली तेजी बनी हुई है. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी आई है. वहीं, फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि ब्याज दरों पर अगला फैसला लेने से पहले उन्हें और समय की जरूरत है.
इसके अलावा मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने की आशंका के कारण एनर्जी की कीमतें भी ऊंची बनी हुई हैं. इन परिस्थितियों के बीच निवेशकों की नजर सोने और अन्य कीमती धातुओं की कीमतों पर बनी हुई है.
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, सिंगापुर में दोपहर के समय स्पॉट गोल्ड 0.3 प्रतिशत बढ़कर 4,190.16 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. वहीं, चांदी की कीमत 0.6 प्रतिशत बढ़कर 61.38 डॉलर प्रति औंस रही. इससे पहले बुधवार को चांदी में 0.9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी.
प्लेटिनम और पैलेडियम की कीमतों में भी तेजी रही. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले डॉलर स्पॉट इंडेक्स 0.1 प्रतिशत नीचे रहा.
सोने में हलचल के कारण
गुरुवार को अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में पूरी अवधि के दौरान गिरावट देखने को मिली. 10 साल की यील्ड 24 साल के रिकॉर्ड स्तर से नीचे आ गई. इसकी एक वजह फ्रांस की राजकोषीय स्थिति को लेकर बढ़ी चिंता रही.
ऐसी स्थिति में निवेशकों का रुझान सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ा. सोने को भी आम तौर पर ऐसे समय में निवेश के सुरक्षित विकल्प के तौर पर देखा जाता है.
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदों का भी सोने की कीमतों पर असर पड़ता है. ऊंची यील्ड आम तौर पर सोने के लिए दबाव वाली स्थिति मानी जाती है, क्योंकि सोने से ब्याज आय नहीं मिलती.
सितंबर में सोने में 6 प्रतिशत की गिरावट
सितंबर में सोने की कीमतों में 6 प्रतिशत की गिरावट आई. इस गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी को माना गया.
फेडरल रिजर्व के वाइस चेयरमैन फिलिप जेफरसन ने कहा कि यह आकलन करने में अभी और समय लग सकता है कि आगे ब्याज दरें बढ़ाने की जरूरत है या नहीं.
इस बयान के बाद बाजार में जल्द ब्याज दर बढ़ने की उम्मीदें कम हुई हैं. अब ट्रेडर्स अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना 26 प्रतिशत मान रहे हैं. सप्ताह की शुरुआत में यह संभावना 70 प्रतिशत थी.
ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में आए इस बदलाव का असर सोने की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है.
मिडिल ईस्ट तनाव से तेल में उछाल
मिडिल ईस्ट में संघर्ष बढ़ने के संकेतों के बीच तेल की कीमतों में भी तेजी आई है. इससे इस क्षेत्र से एनर्जी सप्लाई की रिकवरी को लेकर चिंता बढ़ी है.
एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, पेंटागन फारस की खाड़ी में एक और एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ 10,000 सैनिक और मरीन भेज सकता है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव एनर्जी मार्केट के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इसी वजह से तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है और इसका असर वैश्विक बाजारों पर भी नजर आ रहा है.
आज के इंटरनेशनल मार्केट के प्रमुख रेट
| कमोडिटी | कीमत | बदलाव |
|---|---|---|
| स्पॉट गोल्ड | $4,190.16 प्रति औंस | 0.3% तेजी |
| चांदी | $61.38 प्रति औंस | 0.6% तेजी |
| डॉलर स्पॉट इंडेक्स | — | 0.1% गिरावट |
| प्लेटिनम | — | तेजी |
| पैलेडियम | — | तेजी |
फिलहाल 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के कारण घरेलू कमोडिटी मार्केट में ट्रेडिंग नहीं हो रही है और IBJA भी आज सोने-चांदी के रेट जारी नहीं करेगा. वहीं, इंटरनेशनल मार्केट में सोने और चांदी में मामूली तेजी बनी हुई है. अजय केडिया के अनुमान के मुताबिक, सोना दिवाली या 2026 के अंत तक ₹1,80,000 प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है.
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