बेसिक शिक्षा के जिला परियोजना कार्यालयों में आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मचारियों के मानदेय में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है. आशुलिपिक, लेखाकार, सहायक लेखाकार, टंकक, लिपिक और कंप्यूटर ऑपरेटरों के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है. फिलहाल इन कर्मचारियों को बढ़े हुए मानदेय का लाभ देने का आदेश जारी कर दिया गया है.
महानिदेशक स्कूल शिक्षा और राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से बढ़ा हुआ मानदेय दिए जाने का आदेश जारी कर दिया गया है. आशुलिपिक और लेखाकार को अभी तक हर महीने 18,560 रुपये का मानदेय दिया जा रहा था. अब इन्हें 23,200 रुपये प्रति महीने मानदेय दिया जाएगा.
सहायक लेखाकार को अभी तक 11,600 रुपये प्रति महीने मानदेय दिया जा रहा था. अब उन्हें 14,500 रुपये प्रति महीने मानदेय मिलेगा. वहीं टंकक, लिपिक और कंप्यूटर ऑपरेटरों को अभी तक 11,020 रुपये प्रति महीने मानदेय मिल रहा था. अब इन्हें 13,775 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा.
बढ़ा हुआ मानदेय अक्तूबर से देने की तैयारी है. फिलहाल इन कर्मचारियों को किसी भी तरह का एरियर नहीं दिया जाएगा.
यह भी पढ़ें- गुजरात में UCC लागू, विवाह से लेकर उत्तराधिकार तक बदलेंगे नियम, जानें क्या होंगे बड़े बदलाव
375 कर्मियों को मिलेगा मानदेय बढ़ोतरी का लाभ
वर्षों से काम कर रहे इन कर्मचारियों को मानदेय बढ़ोतरी से राहत मिली है. सभी जिलों के जिला परियोजना कार्यालयों में पांच-पांच कर्मचारी कार्यरत हैं. यूपी भर में कुल 375 आउटसोर्सिंग कर्मचारी कार्यरत हैं.
सेवा प्रदाता के माध्यम से काम कर रहे इन कर्मचारियों को अब बढ़ा हुआ मानदेय दिया जाएगा. राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आउटसोर्सिंग पर कार्यरत इन कर्मचारियों को बढ़ा हुआ मानदेय दिलाना सुनिश्चित करें.
इसके साथ ही किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो और पारदर्शी तरीके से मानदेय का भुगतान किया जाए, इसके लिए भी निर्देश दिए गए हैं.
डेढ़ महीने पहले आउटसोर्स कर्मियों के वेतन बढ़ोतरी को मिली थी मंजूरी
डेढ़ महीने पहले उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में 10 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी मिली थी. इनमें कंप्यूटर ऑपरेटर, प्रोग्रामर, लेखाकार और टैली ऑपरेटर शामिल थे.
इन कर्मचारियों के मानदेय में साल में दो बार जनवरी और जुलाई महीने में पांच-पांच फीसदी बढ़ोतरी करने का फैसला हुआ था. ऐसे में परिवहन निगम मुख्यालय से लेकर क्षेत्रों में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों के बेसिक मानदेय में जुलाई 2026 में पांच फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी और यह अगस्त महीने के वेतन में मिलने की बात कही गई थी.
वहीं मैकेनिकों की मजदूरी तय नहीं होने की बात भी सामने आई थी. रोडवेज बसों की कार्यशालाओं में बाहरी स्रोत से मैकेनिकों को काम पर रखा गया है, लेकिन इनका मानदेय श्रेणीवार दोबारा निर्धारित नहीं किया गया.
इस संबंध में क्षेत्रों के सेवा प्रबंधकों ने मुख्यालय को पत्र भेजकर जानकारी दी थी कि पहले जिस तरह 7,500 रुपये प्रति कार्मिक की वृद्धि करते हुए इसे 8,400 रुपये प्रति कार्मिक किया गया था, उसी तरह मानदेय से जुड़ी व्यवस्था को लेकर भी जानकारी दी गई थी.
यह भी पढ़ें- क्या आपके घर में भी हैं बुजुर्ग? अयोध्या जाने से पहले नोट कर लें यह ई-रिक्शा बुकिंग प्रोसेस


