Dehradun Haridwar Highway: देहरादून और हरिद्वार के बीच रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है. करीब 36 किलोमीटर लंबे इस व्यस्त हाईवे को जाम से मुक्त करने और सड़क सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए 320 करोड़ रुपये की लागत से बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है. योजना के तहत हाईवे पर 7 फ्लाईओवर, एलिवेटेड रोड, सर्विस लेन और फुट ओवरब्रिज बनाए जाएंगे. अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना को अगले दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
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बारिश थमने के बाद तेज होगा निर्माण
लगातार बारिश के चलते पिछले दिनों निर्माण कार्य की रफ्तार प्रभावित हुई थी. अब मौसम साफ होने के बाद प्रोजेक्ट से जुड़े कामों में तेजी लाने की तैयारी है. फिलहाल हाईवे के किनारे बिजली के खंभों, तारों, पेयजल पाइपलाइन और दूसरी यूटिलिटीज को शिफ्ट करने का काम चल रहा है. एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ सिंह के मुताबिक, इस समय यूटिलिटी शिफ्टिंग को प्राथमिकता दी जा रही है. इसके पूरा होते ही मुख्य निर्माण कार्य को भी तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा.
मियांवाला-नकरौंदा के बीच बनेगा बड़ा एलिवेटेड हिस्सा
प्रोजेक्ट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मियांवाला से नकरौंदा के बीच बनने वाला एलिवेटेड मार्ग है. करीब 2.5 किलोमीटर के दायरे में बनने वाला यह एलिवेटेड हिस्सा परियोजना के 7 फ्लाईओवर में सबसे बड़ा होगा. इसका फायदा यह होगा कि हाईवे से गुजरने वाले तेज ट्रैफिक और आसपास के इलाकों के स्थानीय वाहनों को अलग किया जा सकेगा. इससे मियांवाला और आसपास के व्यस्त चौराहों पर लगने वाले जाम को कम करने में मदद मिलेगी.
इन जगहों पर बनेंगे 7 फ्लाईओवर
हाईवे पर ट्रैफिक दबाव और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर 7 फ्लाईओवर प्रस्तावित हैं.
- मियांवाला-नकरौंदा: करीब 2.5 किलोमीटर का सबसे बड़ा एलिवेटेड हिस्सा.
- जाखन पुल: डेंटल कॉलेज के पास फ्लाईओवर.
- जीवनगढ़: ट्रैफिक को व्यवस्थित करने के लिए दो फ्लाईओवर.
- छिद्दरवाला: बाजार और तिराहे पर जाम कम करने के लिए फ्लाईओवर.
- रायवाला: व्यस्त हिस्से में दो फ्लाईओवर.
44 किलोमीटर की सर्विस लेन, दो फुट ओवरब्रिज भी बनेंगे
प्रोजेक्ट में सिर्फ फ्लाईओवर ही नहीं बनाए जाएंगे. हाईवे के दोनों ओर कुल करीब 44 किलोमीटर लंबी सर्विस लेन तैयार की जाएगी. इससे स्थानीय वाहनों को मुख्य हाईवे पर आने की जरूरत कम होगी और ट्रैफिक ज्यादा व्यवस्थित हो सकेगा. पैदल राहगीरों की सुरक्षा के लिए दो फुट ओवरब्रिज भी बनाए जाएंगे. इनकी जगह तय करने की प्रक्रिया चल रही है. इसके अलावा माजरी, डेंटल कॉलेज, रायवाला समेत हरिद्वार तक कई दुर्घटना संभावित स्थानों और जंक्शनों को नए सिरे से विकसित किया जाएगा. ब्लैक स्पॉट्स को वैज्ञानिक तरीके से री-डिजाइन करने की योजना है.
दो साल में बदल जाएगी हाईवे की तस्वीर
करीब 320 करोड़ रुपये की यह परियोजना पूरी होने के बाद देहरादून से हरिद्वार के बीच सफर पहले के मुकाबले ज्यादा सुगम और सुरक्षित होने की उम्मीद है. खासकर मियांवाला, नकरौंदा, रायवाला और दूसरे व्यस्त हिस्सों में जाम से राहत मिलने की संभावना है.
अधिकारियों का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में पूरे प्रोजेक्ट का निर्माण पूरा कर लिया जाए. इसके बाद स्थानीय ट्रैफिक, लंबी दूरी के वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए हाईवे पर अलग-अलग सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
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