कानपुर देहात: रूरा के पास लमहरा में ऐतिहासिक परहुल देवी मंदिर के नजदीक रिंद नदी पर पुल निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. पुल के दोनों तरफ एप्रोच मार्ग बनाने के लिए 135 किसानों की जमीन चिह्नित की गई है. इसके लिए करीब 0.7885 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा. लमहरा में रिंद नदी पर पुल बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी. पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों और किसानों को रूरा मार्ग से करीब चार किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है. पुल बनने के बाद नदी के दूसरी तरफ स्थित खेतों तक पहुंचना आसान होगा. साथ ही काशीपुर जाने के लिए भी लोगों को सीधा रास्ता मिल सकेगा.
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14.07 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा पुल
शासन ने रिंद नदी पर पुल निर्माण के लिए 14.07 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. परियोजना के तहत मार्च में पहली किस्त के रूप में 4.92 लाख रुपये जारी भी किए जा चुके हैं. इसके बाद सेतु निगम ने निर्माण स्थल का सर्वे कराया. सर्वे में पुल के एप्रोच मार्ग के लिए 13 गाटों में करीब 0.7885 हेक्टेयर जमीन की जरूरत सामने आई. इसमें कुल 135 किसानों की भूमि शामिल है.
किसानों को भेजे गए नोटिस
सेतु निगम की ओर से सभी 135 किसानों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, किसानों की जमीन का केवल आवश्यक हिस्सा ही अधिग्रहीत किया जाएगा. किसी किसान की पूरी जमीन अधिग्रहण में नहीं ली जा रही है. सहायक अभियंता सेतु निगम धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जमीन का सर्वे कर उसे चिह्नित कर लिया गया है. किसानों को अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है. इसके बाद आपत्तियों की सुनवाई की जाएगी और नियमानुसार अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
सर्किल रेट के चार गुना तक मुआवजे का प्रावधान
अधिकारियों के अनुसार भूमि अधिग्रहण की स्थिति में किसानों को सामान्य तौर पर जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित सर्किल रेट का चार गुना तक मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है. हालांकि, वास्तविक मुआवजा संबंधित भूमि और लागू नियमों के अनुसार तय किया जाएगा.
पुल बनने से क्या बदलेगा?
रिंद नदी पर पुल बनने से लमहरा और आसपास के ग्रामीणों को कई तरह की राहत मिलने की उम्मीद है. किसानों को नदी के दूसरी ओर अपने खेतों तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. वहीं काशीपुर समेत आसपास के इलाकों में आवागमन भी आसान होगा. लंबे समय से चली आ रही पुल की मांग पूरी होने के बाद अब प्रशासन और सेतु निगम का अगला फोकस भूमि अधिग्रहण पूरा कर निर्माण कार्य शुरू कराने पर है.
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