झांसी: बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीआईडीए) में अब डाटा सेंटर और आईटी उद्योगों को बढ़ावा देने की तैयारी है. इसके लिए करीब 1,000 एकड़ जमीन में डाटा सेंटर-आईटी क्लस्टर विकसित करने की योजना है. खास बात यह है कि प्रस्तावित क्लस्टर के लिए करीब 810 एकड़ जमीन का अधिग्रहण पूरा हो चुका है. यहां डाटा सेंटर और आईटी से जुड़ी कंपनियों के आने पर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है. बीडा के क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास प्लान में डाटा सेंटर और आईटी के अलावा केमिकल और डिफेंस सेक्टर के लिए भी अलग-अलग क्लस्टर विकसित करने की योजना शामिल है.
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बिजली से इंटरनेट तक होंगी जरूरी सुविधाएं
बीडा अधिकारियों के मुताबिक, डाटा सेंटर क्लस्टर के लिए सिर्फ जमीन उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं होगा. डाटा सेंटर उद्योग की जरूरतों के मुताबिक बिजली, पानी, दूरसंचार और इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी. इसी सिलसिले में अगस्त में प्रस्तावित डाटा सेंटर क्लस्टर का जायजा लेने के लिए एक टीम बीडा पहुंची थी. टीम ने बिजली की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था, जलापूर्ति, दूरसंचार और इंटरनेट कनेक्टिविटी समेत अन्य जरूरी सुविधाओं की स्थिति का आकलन किया. टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे सुविधाएं विकसित करने की तैयारी है.
56,662 एकड़ में चल रहा जमीन अधिग्रहण
बीडा के प्रस्तावित क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जारी है. अधिकारियों के मुताबिक 1 अक्टूबर तक 56,662 एकड़ में से 28,874 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हो चुका था. सितंबर महीने में ही करीब 616 एकड़ जमीन अर्जित की गई. डाटा सेंटर क्लस्टर की योजना प्रदेश की व्यापक डाटा सेंटर नीति के अनुरूप तैयार की जा रही है. उत्तर प्रदेश सरकार ने अगस्त में नई डाटा सेंटर नीति अधिसूचित की है. इससे बीडा क्षेत्र में इस सेक्टर को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
बुंदेलखंड में बड़े डाटा सेंटर क्लस्टर की संभावना
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जून 2025 तक उत्तर प्रदेश में डाटा सेंटर क्षेत्र में 21,342.90 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश के साथ 644 मेगावाट की प्रस्तावित क्षमता बताई गई थी. पिछली बार झांसी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बुंदेलखंड में बड़े डाटा सेंटर क्लस्टर की जरूरत पर जोर दिया था. उन्होंने क्षेत्र में इसकी संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए थे.
बीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय खत्री के मुताबिक डाटा सेंटर के साथ-साथ अलग-अलग उद्योगों के लिए भी क्लस्टर विकसित किए जाएंगे. बीडा को आगरा-ग्वालियर छह लेन एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई रेल संपर्क, मल्टी मॉडल कार्गो पार्क और डिफेंस कॉरिडोर से जोड़ने की योजना पर भी काम चल रहा है.
मध्य प्रदेश से मिल सकता है 216 MLD पानी
बीडा के औद्योगिक विकास के लिए पानी की उपलब्धता भी अहम है. इसके लिए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच सहमति बनाने की प्रक्रिया चल रही है. पिछले महीने दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बैठक में पानी की उपलब्धता को लेकर विस्तार से चर्चा हुई थी. बैठक के बाद परियोजना के लिए 216 MLD पानी उपलब्ध कराने पर मध्य प्रदेश सरकार की सहमति मिलने की उम्मीद जताई गई है.
इन कंपनियों ने दिखाई निवेश में रुचि
बीडा में निवेश को लेकर कई बड़ी कंपनियों और संस्थानों ने रुचि दिखाई है. संभावित निवेशकों में समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल, BEML, रैप्हे एमफिब्र, फेयर एक्सपोर्ट्स (लुलु समूह), प्रभातम ग्रुप, CONCOR, सिद्धार्थ लॉजिस्टिक्स और सिफी टेक्नोलॉजीज शामिल हैं. इसके अलावा मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज से जुड़े एक ट्रस्ट और राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (NICDC) ने भी रुचि दिखाई है.
हालांकि बीडा अधिकारियों ने साफ किया है कि ये फिलहाल निवेश में रुचि है. इन्हें अभी अंतिम निवेश प्रस्ताव या निश्चित रूप से स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयां नहीं माना जा सकता.
रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
डाटा सेंटर और आईटी क्लस्टर के विकसित होने से झांसी और पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में आधुनिक उद्योगों के लिए नया आधार तैयार होने की उम्मीद है. बड़े निवेश आने पर सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं. साथ ही बिजली, इंटरनेट, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक सेवाओं की मांग बढ़ने से स्थानीय कारोबार को भी गति मिलने की संभावना है.
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