Yamuna City: ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने की तैयारी है. प्राधिकरण ने मेडिकल डिवाइस, फार्मा, टेक्सटाइल, हस्तशिल्प और अन्य क्षेत्रों की 25 नई औद्योगिक इकाइयों को जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इन कंपनियों को लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) जारी किए जा चुके हैं. प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए करीब 95 एकड़ जमीन आवंटित की जाएगी.
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इन औद्योगिक इकाइयों के जरिए क्षेत्र में लगभग 3,155 करोड़ रुपये का निवेश आने और 9,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. इससे यमुना सिटी में विनिर्माण गतिविधियों के विस्तार के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल सकता है.
25 कंपनियों को जारी हुए लेटर ऑफ इंटेंट
यीडा के अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को 25 औद्योगिक इकाइयों के लिए एक साथ LOI जारी किए गए. इनमें मेडिकल डिवाइस, फार्मास्युटिकल्स, हस्तशिल्प, अपैरल और मिक्स्ड लैंड यूज से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं. इन कंपनियों को जमीन आवंटित होने और परियोजनाओं का निर्माण शुरू होने के बाद यमुना सिटी में औद्योगिक गतिविधियों का दायरा बढ़ने की उम्मीद है. खासतौर पर मेडिकल डिवाइस और फार्मा क्षेत्र में नई इकाइयां स्थापित होने से स्वास्थ्य संबंधी उत्पादों के विनिर्माण को बढ़ावा मिल सकता है.
सेक्टर-8डी में सबसे ज्यादा 11 इकाइयां होंगी स्थापित
- सेक्टर-8डी: 11 औद्योगिक इकाइयां
- सेक्टर-29: 8 औद्योगिक इकाइयां
- सेक्टर-28: एक मेडिकल डिवाइस इकाई
- सेक्टर-24: तीन मिक्स्ड लैंड यूज इकाइयां
- सेक्टर-6: दो फार्मा इकाइयां
इन परियोजनाओं के लिए कुल करीब 95 एकड़ भूमि आवंटित की जानी है. अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में कंपनियों को जमीन उपलब्ध कराने से क्षेत्र में उद्योगों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे और सप्लाई चेन को विकसित करने में मदद मिल सकती है.
पहले से विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस, हैंडीक्राफ्ट और अपैरल पार्क
यमुना सिटी में पहले से ही कई बड़े औद्योगिक और विनिर्माण प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे हैं. इनमें मेडिकल डिवाइस पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क और अपैरल पार्क प्रमुख हैं. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इन पार्कों में करीब 90 प्रतिशत भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है. कई कंपनियों ने अपने प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है. प्राधिकरण क्षेत्र में अब तक 3,000 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को जमीन आवंटित की जा चुकी है. इनमें से करीब 35 इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है. इसके अलावा, उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर परियोजना का शिलान्यास भी हो चुका है. इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने से यमुना सिटी में औद्योगिक निवेश के साथ उत्पादन गतिविधियों का विस्तार होने की संभावना है.
3,155 करोड़ के निवेश से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
नई औद्योगिक इकाइयों में करीब 3,155 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है. अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं से 9,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है. रोजगार के अवसर केवल कारखानों तक सीमित नहीं रहेंगे. उद्योगों के संचालन से परिवहन, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, कच्चे माल की आपूर्ति और अन्य सहायक कारोबारों में भी काम के अवसर पैदा हो सकते हैं. मेडिकल डिवाइस, फार्मा और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में नई इकाइयां स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है.
टेक्सटाइल उद्योग को भी मिलेगा विस्तार
नोएडा क्षेत्र में पहले से ही 5,000 से अधिक टेक्सटाइल उद्योग मौजूद होने की जानकारी दी गई है. ऐसे में नई अपैरल और टेक्सटाइल इकाइयों के आने से इस क्षेत्र की विनिर्माण गतिविधियों को और विस्तार मिल सकता है. इसके साथ ही हस्तशिल्प से जुड़ी इकाइयां पारंपरिक उत्पादों के निर्माण और बाजार तक उनकी पहुंच बढ़ाने में मदद कर सकती हैं. मेडिकल डिवाइस और फार्मा इकाइयों से स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए जरूरी उत्पादों के घरेलू विनिर्माण को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
औद्योगिक केंद्र के रूप में मजबूत होगी यमुना सिटी की पहचान
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में नई कंपनियों को जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया ऐसे समय में आगे बढ़ रही है, जब यहां कई बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे हैं. करीब 95 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित 25 नई इकाइयों से निवेश, रोजगार और उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. हालांकि, वास्तविक रोजगार और उत्पादन का स्तर परियोजनाओं के निर्माण, संचालन शुरू होने और कंपनियों की जरूरतों पर निर्भर करेगा.
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