Delhi Metro Phase 4: दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण के तहत बन रही गोल्डन लाइन दक्षिण दिल्ली के यात्रियों के लिए एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान बनाने जा रही है. तुगलकाबाद से दिल्ली एरोसिटी तक प्रस्तावित यह कॉरिडोर साकेत, छतरपुर और वसंत कुंज जैसे इलाकों को सीधे एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन से जोड़ेगा. इससे दिल्ली के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा से आने वाले यात्रियों को भी इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है. गोल्डन लाइन के चालू होने से यात्रियों को एयरपोर्ट जाने के लिए बार-बार मेट्रो बदलने या दूसरे मार्गों से लंबा चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है. इसके साथ ही एयरपोर्ट के तीनों टर्मिनलों को जोड़ने के लिए ऑटोमेटेड पैसेंजर मूवर (APM) यानी एयर ट्रेन विकसित करने की भी योजना है.
यह भी पढ़ें- Yamuna City: 25 कंपनियों को मिलेगी 95 एकड़ जमीन, 3,155 करोड़ का निवेश और 9,000 नौकरियों की उम्मीद
23.62 किलोमीटर लंबा होगा गोल्डन लाइन कॉरिडोर
दिल्ली मेट्रो की गोल्डन लाइन करीब 23.62 किलोमीटर लंबी होगी. यह तुगलकाबाद से शुरू होकर दक्षिण दिल्ली के कई प्रमुख आवासीय इलाकों से गुजरते हुए एरोसिटी तक पहुंचेगी. इस कॉरिडोर के जरिए वायलेट लाइन, येलो लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी.
गोल्डन लाइन का प्रस्तावित रूट इस प्रकार है
तुगलकाबाद, तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी, आनंदमयी मार्ग, तिगड़ी, खानपुर, अंबेडकर नगर, साकेत जी-ब्लॉक, साकेत, नेब सराय, इग्नू, छतरपुर, छतरपुर मंदिर, किशनगढ़, वसंत कुंज, दिल्ली एरोसिटी का नाम शामिल है, इस कॉरिडोर से दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के उन इलाकों को लाभ मिलेगा, जहां से एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए फिलहाल यात्रियों को दूसरे मेट्रो कॉरिडोर या सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ता है.
तुगलकाबाद, छतरपुर और एरोसिटी बनेंगे अहम इंटरचेंज
गोल्डन लाइन की खासियत इसकी दूसरी मेट्रो लाइनों के साथ कनेक्टिविटी होगी.
- तुगलकाबाद स्टेशन: यहां यात्री वायलेट लाइन से जुड़ सकेंगे. इससे फरीदाबाद और कश्मीरी गेट की ओर जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी.
- छतरपुर स्टेशन: यहां येलो लाइन से कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे गुरुग्राम और समयपुर बादली की ओर यात्रा करना आसान होगा.
- एरोसिटी स्टेशन: यहां से एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के जरिए एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 तक पहुंचा जा सकेगा.
गोल्डन लाइन पर भी ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना है. इससे यात्रियों को आधुनिक और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था मिलने की उम्मीद है.
एयरपोर्ट के अंदर चलेगी एयर ट्रेन, 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य
दिल्ली एयरपोर्ट के भीतर यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए ऑटोमेटेड पैसेंजर मूवर (APM) सिस्टम विकसित करने की योजना है. इसे आम तौर पर एयर ट्रेन कहा जाता है. प्रस्तावित सिस्टम टर्मिनल-1, एरोसिटी, टर्मिनल-2 और टर्मिनल-3 के बीच कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा. इस परियोजना के लिए करीब 3,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव बताया गया है. लगभग 7.3 किलोमीटर लंबा यह सिस्टम एयरपोर्ट के टर्मिनलों, कार्गो टर्मिनल, एरोसिटी और मेट्रो नेटवर्क के बीच संपर्क बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है. योजना के मुताबिक, एयर ट्रेन के लिए छह स्टेशनों की व्यवस्था प्रस्तावित है. इससे टर्मिनल-1 और टर्मिनल-3 के बीच यात्रा का समय करीब 13 मिनट रहने का अनुमान है. परियोजना को 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है.
फिलहाल, टर्मिनल बदलने वाले यात्रियों को कई स्थितियों में सड़क मार्ग से यात्रा करनी पड़ती है. एयर ट्रेन शुरू होने पर यात्रियों को टर्मिनलों के बीच आने-जाने के लिए अधिक सुविधाजनक विकल्प मिल सकता है.
गोल्डन लाइन का निर्माण कार्य कहां तक पहुंचा?
गोल्डन लाइन के विभिन्न हिस्सों में निर्माण कार्य और भूमिगत सुरंगों से जुड़ी गतिविधियां जारी हैं. साकेत, छतरपुर और वसंत कुंज जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में भूमिगत मेट्रो नेटवर्क विकसित करना इस परियोजना का अहम हिस्सा है. एरोसिटी स्टेशन को भविष्य में एक बड़े परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है. यहां एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के साथ कनेक्टिविटी मिलेगी और भविष्य की क्षेत्रीय परिवहन योजनाओं से जुड़ने की संभावनाएं भी हैं. उपलब्ध परियोजना जानकारी के अनुसार, गोल्डन लाइन को 2027 के मध्य तक चालू करने का लक्ष्य बताया गया है. हालांकि, वास्तविक शुरुआत निर्माण की प्रगति और आधिकारिक समयसीमा पर निर्भर करेगी.
अभी किन मेट्रो लाइनों से पहुंच सकते हैं एयरपोर्ट?
दिल्ली मेट्रो के मौजूदा नेटवर्क में एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 और टर्मिनल-3 तक पहुंचने के लिए अलग-अलग विकल्प उपलब्ध हैं.
- एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन (ऑरेंज लाइन)
यह लाइन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से शिवाजी स्टेडियम, धौला कुआं और एरोसिटी होते हुए एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 तक जाती है. आगे यह द्वारका सेक्टर-21 और यशोभूमि द्वारका सेक्टर-25 से भी जुड़ती है. नई दिल्ली से टर्मिनल-3 तक यात्रा में लगभग 20 मिनट लगने की जानकारी दी जाती है. - मैजेंटा लाइन
मैजेंटा लाइन जनकपुरी वेस्ट से बॉटनिकल गार्डन तक चलती है. इस कॉरिडोर पर टर्मिनल-1 के लिए मेट्रो स्टेशन उपलब्ध है, जहां से सबवे और ट्रैवललेटर के जरिए एयरपोर्ट टर्मिनल तक पहुंचा जा सकता है. गोल्डन लाइन और प्रस्तावित एयर ट्रेन सिस्टम के विकसित होने से एयरपोर्ट तक पहुंचने और उसके अलग-अलग टर्मिनलों के बीच यात्रा करने के विकल्प बढ़ने की उम्मीद है. इससे यात्रियों का समय बचाने, सड़क पर निर्भरता घटाने और दिल्ली-NCR की एयरपोर्ट कनेक्टिविटी मजबूत करने में मदद मिल सकती है.
यह भी पढ़ें- Kanpur News: एक दशक का इंतजार होगा खत्म! कानपुर की ट्रांसगंगा सिटी फोरलेन पुल के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू


