UP News: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रेम संबंध की कहानी दर्दनाक अंजाम तक पहुंच गई. स्वरूप कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय चांद के लिए उसका प्यार ही उसकी मौत का कारण बन गया. जिस शबनम के साथ वह भविष्य के सपने देख रहा था, उसी पर आरोप है कि उसने अपने परिवार के साथ मिलकर चांद को जिंदा जला दिया. सात दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद बुधवार रात चांद ने दम तोड़ दिया. इस घटना ने न केवल एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया, बल्कि इलाके में पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटना 27 फरवरी की रात की है. चांद पेशे से ऑटो चालक था और मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था. उस रात भी वह सवारी छोड़कर घर लौट रहा था. उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि रास्ते में उसके लिए घात लगाकर इंतजार किया जा रहा है. परिजनों का आरोप है कि आजमपाड़ा रोड पर उसकी कथित प्रेमिका शबनम, उसकी मां, भाई और एक अन्य व्यक्ति ने उसे रोक लिया. पहले उनके बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद मामला हिंसक हो गया.
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने चांद को उसके ऑटो से बाहर खींच लिया और उसके साथ मारपीट की. इसके बाद उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई. आग की लपटों में घिरा चांद सड़क पर तड़पता रहा, जबकि आरोपी मौके से फरार हो गए. स्थानीय लोगों ने किसी तरह उसे बचाने की कोशिश की और तुरंत एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचाया. उसकी हालत बेहद गंभीर होने के कारण उसे बाद में एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया. डॉक्टरों के अनुसार उसका शरीर करीब 80 प्रतिशत तक झुलस चुका था. सात दिनों तक इलाज चलने के बाद बुधवार रात उसकी मौत हो गई.
चांद के भाई शबीर के अनुसार, चांद और शबनम के बीच करीब दो साल से प्रेम संबंध था. शबनम मूल रूप से मथुरा की रहने वाली बताई जा रही है और उसकी शादी आजमपाड़ा में हुई थी. पति की मौत के बाद वह अपने देवर के साथ रह रही थी. परिवारों के बीच इस रिश्ते को लेकर पहले से ही तनाव था, लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि यह विवाद इतना खतरनाक रूप ले लेगा.
चांद की मौत की खबर मिलते ही गुरुवार सुबह परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआती जांच के दौरान शबनम और उसकी मां नगीना को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में बिना ठोस कार्रवाई के उन्हें छोड़ दिया गया. उनका कहना है कि आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें धमकियां दे रहे हैं.
करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया. इसके बाद जाम हटाया गया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. एसीपी के अनुसार, परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं.


