Agra News: आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर को लेकर एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है. उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) ने बुधवार को दूसरे कॉरिडोर पर प्री-आरडीएसओ ऑसिलेशन टेस्टिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली. इस दौरान मेट्रो ट्रेन को 959 यात्रियों के बराबर भार के साथ 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाकर परखा गया. परीक्षण डिपो के एंट्री रैंप से सदर बाजार मेट्रो स्टेशन के बीच किया गया.
रेत से भरे बोरों से तैयार किया यात्रियों के वजन जैसा भार
परीक्षण के दौरान मेट्रो ट्रेन के अंदर सैंड बैग यानी रेत से भरे बोरे रखे गए. इनके जरिए ट्रेन में वास्तविक यात्रियों के वजन जैसी स्थिति तैयार की गई. ट्रेन में करीब 60 से 80 टन तक भार रखा गया. इसके बाद 80 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार पर ट्रेन का संचालन किया गया.
इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य यात्रियों के भार के साथ मेट्रो ट्रेन की स्थिरता, प्रदर्शन और तकनीकी क्षमता की जांच करना था. इसके साथ ही यह भी परखा गया कि ट्रेन के संचालन के दौरान ट्रैक और सिविल संरचनाओं पर कितना प्रभाव पड़ता है. यूपीएमआरसी के अनुसार, यह परीक्षण सफल रहा.
आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनेगा दूसरा कॉरिडोर
आगरा मेट्रो का दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनाया जा रहा है. इस रूट पर आगरा कैंट, सदर बाजार, प्रतापपुरा और कलेक्ट्रेट मेट्रो स्टेशनों का निर्माण कार्य जारी है. वहीं, एमजी रोड से कालिंदी विहार तक के शेष हिस्से में भी सिविल निर्माण कार्य किया जा रहा है.
इस कॉरिडोर के जरिए संजय प्लेस, एमजी रोड, सुल्तानगंज क्रॉसिंग, कमला नगर और रामबाग जैसे प्रमुख इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है.
टेस्टिंग सफल होने से परियोजना को मिलेगी रफ्तार
दूसरे कॉरिडोर पर प्री-आरडीएसओ ऑसिलेशन टेस्टिंग पूरी होना आगरा मेट्रो परियोजना के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी पड़ाव है. इस तरह के परीक्षण से ट्रेन की क्षमता, स्थिरता और ट्रैक के साथ उसके तालमेल का आकलन किया जाता है. इससे आगे की तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी.
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