Ambedkar Nagar Industrial Corridor: उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में कभी खेती और बंजर जमीन के रूप में इस्तेमाल होने वाला इलाका अब औद्योगिक गतिविधियों का नया केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है. अकबरपुर ब्लॉक के बेवाना क्षेत्र में करीब 1100 बीघा जमीन पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है. भूमि अधिग्रहण का करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है और अब औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की प्रक्रिया तेज हो गई है. इस कॉरिडोर में सबसे पहले रिलायंस समूह का कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट उत्पादन शुरू करने की तैयारी में है. खास बात यह होगी कि यहां धान की पराली, पत्तियों और गन्ने की खोई जैसे कृषि अवशेषों का इस्तेमाल कर बायोगैस तैयार की जाएगी.
पराली से बनेगी गैस, किसानों को भी फायदा
CBG प्लांट में ऐसे कृषि अवशेषों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिन्हें अक्सर किसान खेतों में जला देते हैं. इससे एक तरफ पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सकती है, वहीं दूसरी तरफ किसानों को कृषि अवशेषों से अतिरिक्त आय का जरिया मिलने की उम्मीद है. यानी खेतों में बोझ समझी जाने वाली पराली, पत्तियां और गन्ने की खोई अब ऊर्जा का स्रोत बनेंगी.
रिलायंस का CBG प्लांट जल्द शुरू करेगा उत्पादन
औद्योगिक गलियारे में रिलायंस बायो एनर्जी कॉम्प्लेक्स का शुभारंभ सितंबर-अक्टूबर में प्रस्तावित है. यह रिलायंस समूह के उन CBG प्लांटों में शामिल है, जहां उत्पादन शुरू करने की तैयारियां तेज चल रही हैं. कॉम्प्लेक्स के करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर पराग का पशु आहार कारखाना पहले से संचालित है. इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार और तेज होने की उम्मीद है.
टाटा मोटर्स से अदाणी एनर्जी तक, कई कंपनियों ने दिखाई रुचि
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में सिर्फ CBG प्लांट ही नहीं, बल्कि कई अन्य औद्योगिक इकाइयां भी प्रस्तावित हैं. उद्यमी मित्र अखिलेश पटेल के मुताबिक टाटा मोटर्स, अशोक लीलैंड और अदाणी एनर्जी समेत कई कंपनियां यहां उद्योग और कारखाने लगाने के लिए आवेदन कर रही हैं. इसके अलावा श्याम इंडस्ट्रीज, यशोदा फूड प्राइवेट लिमिटेड, जय भवानी नमकीन, इट्रास फार्मास्यूटिकल प्राइवेट लिमिटेड, श्रेया इंवायरमेंटल, फ्रोंजल फ्योर मिल प्राइवेट लिमिटेड, एसएम इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड और टैगो फ्लेक्स जैसी कंपनियों ने भी औद्योगिक इकाइयों के लिए यूपीडा की वेबसाइट पर आवेदन किया है.
1100 बीघा में फैलेगा औद्योगिक गलियारा
अकबरपुर ब्लॉक के बेवाना और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र को इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसके लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ओर से भूमि अधिग्रहण का करीब 80 फीसदी काम पूरा होने की बात सामने आई है. इस प्रोजेक्ट में अजमलपुर, नूरपुर कला, गौरी बड़ाह, जगदीशपुर मुस्लिम समेत आसपास के गांवों को शामिल किया गया है.
ग्रामीणों को रोजगार और स्वरोजगार की उम्मीद
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनने से आसपास के ग्रामीणों को रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है. सस्पना गांव के ग्रामीणों का कहना है कि अधिग्रहण में बंजर और अनुपयोगी जमीन का अच्छा मुआवजा मिला है. अब उम्मीद है कि कारखाने शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा. वहीं खानजहांपुर और आसपास के गांवों के ग्रामीणों को भी उम्मीद है कि औद्योगिक इकाइयां आने के बाद क्षेत्र में दुकान, परिवहन, छोटे कारोबार और अन्य स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे. इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिल सकती है.
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सिंगल विंडो से निवेशकों के लिए प्रक्रिया आसान
जिला उद्योग उपायुक्त संदीप केसरवानी के मुताबिक सिंगल विंडो सिस्टम और ‘इन्वेस्टर्स यूपी’ में प्रोजेक्ट शामिल होने से औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की प्रक्रिया आसान हुई है. निवेशकों को NOC और अन्य जरूरी दस्तावेजों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय सिंगल विंडो के जरिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. ऐसे में अंबेडकरनगर का यह 1100 बीघा का औद्योगिक गलियारा आने वाले समय में रोजगार, ऊर्जा उत्पादन, कृषि अवशेषों के बेहतर इस्तेमाल और स्थानीय कारोबार के लिए बड़ा केंद्र बन सकता है.


