Author: Anusa
अनुषा पिछले 3 वर्षों से Readmeloud.com में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. हेल्थ, यूटिलिटी, टेक और ट्रैवल जैसे विषयों पर रिसर्च-बेस्ड और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करना उनकी विशेषज्ञता है. अनुषा को मीडिया इंडस्ट्री में 5 साल का अनुभव है. उन्होंने करियर की शुरुआत रिपोर्टिंग से की और लोकल प्रिंट मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कदम रखा. ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ काम कर चुकी अनुषा को डिजिटल न्यूज़ और स्टोरीटेलिंग में मजबूत पकड़ हासिल है.
सड़क एम्बुलेंस के लिए नए सुरक्षा नियम प्रस्तावित. ई-एम्बुलेंस, नवजात एम्बुलेंस और अनिवार्य रेस्क्यू उपकरण पर जोर
देश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने सड़क एम्बुलेंस से जुड़े ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (AIS)-125 में संशोधन का मसौदा जारी किया है. प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य एम्बुलेंस की सुरक्षा, कार्यक्षमता और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाना है ताकि दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में मरीजों को अधिक प्रभावी सहायता मिल सके. मंत्रालय ने इस मसौदे पर सार्वजनिक सुझाव भी आमंत्रित किए हैं. अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद नए नियम लागू किए जाएंगे. भारत टेक्स 2026 का काउंटडाउन शुरू. नई दिल्ली में जुटेंगे दुनिया भर के टेक्सटाइल उद्योग…
भारत टेक्स 2026 का काउंटडाउन शुरू. नई दिल्ली में जुटेंगे दुनिया भर के टेक्सटाइल उद्योग के दिग्गज
भारत के सबसे बड़े वैश्विक टेक्सटाइल आयोजन भारत टेक्स 2026 (Bharat Tex 2026) का काउंटडाउन शुरू हो गया है. 14 से 17 जुलाई 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाला यह मेगा एक्सपो देश के संपूर्ण वस्त्र उद्योग को एक वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा. इस आयोजन का समर्थन केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय कर रहा है, जबकि इसका आयोजन भारत टेक्स ट्रेड फेडरेशन द्वारा किया जा रहा है. इसमें विभिन्न टेक्सटाइल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल और उद्योग संगठन भी भागीदार हैं. MANAS क्या है? ड्रग्स की शिकायत और नशा मुक्ति सहायता के लिए सरकार का 1933 हेल्पलाइन प्लेटफॉर्म…
MANAS क्या है? ड्रग्स की शिकायत और नशा मुक्ति सहायता के लिए सरकार का 1933 हेल्पलाइन प्लेटफॉर्म
नशीले पदार्थों की तस्करी और नशे की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने MANAS (Madak Padarth Nishedh Asoochna Kendra) नाम से एक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया है. यह नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की पहल है, जिसके जरिए नागरिक ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों की गोपनीय शिकायत दर्ज करा सकते हैं, काउंसलिंग प्राप्त कर सकते हैं और पुनर्वास सेवाओं की जानकारी हासिल कर सकते हैं. यह प्लेटफॉर्म 18 जुलाई 2024 को गृह मंत्रालय के तहत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और Digital India Corporation के सहयोग से शुरू किया गया था. सत्तेनपल्ली बेडशीट्स. आंध्र प्रदेश की हस्तकरघा विरासत, जिसने देशभर में…
आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले की सत्तेनपल्ली बेडशीट्स अपनी उत्कृष्ट बुनाई, आकर्षक डिजाइनों और पारंपरिक हस्तकरघा कला के लिए जानी जाती हैं. यह उत्पाद वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) पहल के तहत जिले की प्रमुख पहचान के रूप में उभर रहा है. स्थानीय कारीगरों द्वारा हाथ से तैयार की जाने वाली ये बेडशीट्स आराम, टिकाऊपन और पारंपरिक शिल्पकला का सुंदर मेल प्रस्तुत करती हैं. अडुर्रू बौद्ध स्तूप. 2,400 साल पुरानी विरासत, जहां आज भी जीवित है बौद्ध इतिहास क्या है सत्तेनपल्ली बेडशीट्स की खासियत? सत्तेनपल्ली बेडशीट्स को स्थानीय बुनकर पारंपरिक तकनीकों से तैयार करते हैं. इनमें बारीक बुनाई, आकर्षक रंगों…
आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में स्थित अडुर्रू (Adurru) भारत की प्राचीन बौद्ध विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है. करीब 2,400 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक स्थल का संबंध सम्राट अशोक के समय से माना जाता है. यहां मौजूद विशाल बौद्ध स्तूप और अन्य पुरातात्विक अवशेष आज भी देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की गवाही देते हैं. यह स्थल गोदावरी नदी की सहायक वैनेतेय (Vainateya) नदी के किनारे स्थित है, जो आगे चलकर बंगाल की खाड़ी में मिलती है. दीन दयाल दिव्यांग पुनर्वास योजना क्या है? जानिए कौन उठा सकता है लाभ और कैसे करें आवेदन संघमित्रा से…
दिव्यांगजनों की शिक्षा, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार दीन दयाल दिव्यांग पुनर्वास योजना (Deen Dayal Disabled Rehabilitation Scheme – DDRS) संचालित कर रही है. यह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एक केंद्रीय क्षेत्र (Central Sector) योजना है, जिसके तहत दिव्यांगजनों के लिए काम करने वाली पात्र स्वैच्छिक संस्थाओं (NGOs) को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. इस योजना की शुरुआत वर्ष 1999 में हुई थी और 2003 में इसमें संशोधन कर इसका वर्तमान स्वरूप दिया गया. कुटकी खीर क्या है? जानिए मध्य प्रदेश के शहडोल की पारंपरिक आदिवासी मिठाई की खासियत योजना का…
भारत की पारंपरिक खाद्य विरासत में कई ऐसे व्यंजन शामिल हैं, जो किसी क्षेत्र की संस्कृति और स्थानीय जीवनशैली की पहचान बन चुके हैं. इन्हीं में से एक है कुटकी खीर, जो मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की प्रसिद्ध पारंपरिक मिठाई मानी जाती है. यह व्यंजन विशेष रूप से वहां के आदिवासी समुदायों के बीच काफी लोकप्रिय है. स्थानीय स्तर पर तैयार की जाने वाली यह खीर स्वाद के साथ-साथ पोषण के लिए भी जानी जाती है. भारत-जापान के बीच कई अहम समझौते. AI, रक्षा और ऊर्जा सहयोग को मिलेगा नया विस्तार क्या होती है कुटकी? कुटकी एक प्रकार का…
भारत और जापान ने द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देते हुए आर्थिक सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रक्षा और फार्मास्यूटिकल्स समेत कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं. नई दिल्ली में आयोजित वार्षिक शिखर वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई. बैठक में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी व्यापक चर्चा हुई. चुनाव आयोग ने तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान. 30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को आएंगे नतीजे प्रधानमंत्री मोदी ने…
चुनाव आयोग ने तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान. 30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को आएंगे नतीजे
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. आयोग के अनुसार इन सीटों पर 30 जुलाई 2026 को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त 2026 को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे. इन तीनों सीटों पर अलग-अलग कारणों से रिक्तियां उत्पन्न हुई थीं, जिसके बाद उपचुनाव कराने का निर्णय लिया गया. असम के सोनितपुर का बोरजुली क्षेत्र बना जैव विविधता धरोहर स्थल. जंगली धान संरक्षण को मिली बड़ी पहचान किन सीटों पर होगा उपचुनाव? निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार निम्नलिखित विधानसभा…
असम के सोनितपुर का बोरजुली क्षेत्र बना जैव विविधता धरोहर स्थल. जंगली धान संरक्षण को मिली बड़ी पहचान
असम के सोनितपुर जिले स्थित बोरजुली क्षेत्र को जैव विविधता धरोहर स्थल (Biodiversity Heritage Site) घोषित किया गया है. यह उपलब्धि राष्ट्रीय वर्षा आधारित क्षेत्र प्राधिकरण (National Rainfed Area Authority) की सहायता से चल रही जंगली धान संरक्षण परियोजना के तहत हासिल हुई है. इस घोषणा के साथ बोरजुली भारत के उन चुनिंदा क्षेत्रों में शामिल हो गया है, जिन्हें उनकी विशिष्ट जैव विविधता और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के लिए विशेष दर्जा प्राप्त है. WhatsApp के नए Username फीचर पर केंद्र सरकार सख्त. Meta को भेजा नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब जंगली धान की प्राकृतिक प्रजातियों का होगा…

