Bareilly Industrial Township News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले को औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने वाली एक बड़ी योजना को मंजूरी मिल गई है. बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने दिल्ली हाईवे से सटे इलाके में 126.3043 हेक्टेयर भूमि पर नई इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है. इस परियोजना के शुरू होने से निवेश के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
योजना का उद्देश्य और महत्व
बरेली में प्रस्तावित यह नई इंडस्ट्रियल टाउनशिप शहर के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाली बड़ी पहल मानी जा रही है. दिल्ली हाईवे के किनारे बनने वाली यह परियोजना न केवल शहर के औद्योगिक नक्शे को बदलेगी, बल्कि इसे क्षेत्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करेगी. इससे आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने और उद्योगों के विस्तार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
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भूमि चिन्हांकन और क्षेत्रफल
इस परियोजना के तहत कुल 126.3043 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है, जो तहसील बरेली और मीरगंज के विभिन्न गांवों में फैली हुई है. इसमें रसूला चौधरी, भिटौरा नौगंवा उर्फ फतेहगंज पश्चिमी, चिटौली और रहपुरा जागीर शामिल हैं. भूमि का अधिग्रहण भू-स्वामियों से आपसी सहमति के आधार पर किया जाएगा, जिससे विवाद की संभावनाएं कम होंगी और प्रक्रिया सुगम बनेगी.
मंजूरी और प्रशासनिक प्रक्रिया
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को विभिन्न स्तरों पर मंजूरी मिल चुकी है. पहले जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली क्रय निर्धारण समिति ने इसे अनुमोदित किया, इसके बाद 16 मार्च 2026 को बीडीए बोर्ड बैठक में इसे हरी झंडी मिली. साथ ही 8 अप्रैल 2026 को शासन स्तर पर भी स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे परियोजना को लागू करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.
वित्तीय सहायता और सरकारी सहयोग
सरकार इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए मजबूत वित्तीय सहयोग दे रही है. मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत कुल भूमि लागत का 50 प्रतिशत सीड कैपिटल के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा. यह वित्तीय सहायता बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क, बिजली और अन्य सुविधाओं के निर्माण को गति देगी, जिससे परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हो सकेगी.
निवेश और औद्योगिक विकास की संभावनाएं
यह इंडस्ट्रियल टाउनशिप बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने का केंद्र बनेगी. दिल्ली हाईवे से जुड़ाव के कारण लॉजिस्टिक्स और परिवहन सुविधाएं बेहतर होंगी, जिससे उद्योग स्थापित करना आसान होगा. इससे छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास में बरेली की भूमिका और मजबूत होगी.
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रोजगार सृजन और स्थानीय लाभ
इस परियोजना से हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है. निर्माण कार्य से लेकर उद्योगों के संचालन तक स्थानीय युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा. इससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पलायन में कमी आएगी. साथ ही स्थानीय व्यापार और सेवा क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे समग्र विकास का रास्ता खुलेगा.


