Greenfield Expressway MP: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और संस्कारधानी जबलपुर के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. बता दें कि दोनों शहरों के बीच की दूरी अब आधी रह जाएगी. मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही 255 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू करने जा रही है. इस परियोजना के पूरा होने के बाद भोपाल से जबलपुर का सफर मात्र 2.5 से 3 घंटे में पूरा हो सकेगा. वहीं विधानसभा सत्र के दौरान मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की जानकारी साझा की.
मानसून में वायरल फीवर से बचना है आसान! रोजमर्रा की ये 10 आदतें रखेंगी आपको स्वस्थ
कितना होगा खर्च?
इस जबलपुर-भोपाल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को बनाने में करीब 15,000 करोड़ रुपये का खर्च लगेगा. बता दें कि इस 255 किलोमीटर लंबाई होगी. इस बनने से मौजूदा 310–320 किमी से घटकर दूरी में लगभग 60 से 70 किमी की कमी आएगी. जहां वर्तमान में नेशनल हाईवे से भोपाल पहुंचने में 5 से 6 घंटे लगते हैं, वहीं इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 100 से 120 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेंगे और समय घटकर 2.5 से 3 घंटे रह जाएगा.
‘जितना करेंगे इस्तेमाल, उतना ही देंगे टोल’
विधानसभा में बजट और फंडिंग से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने स्पष्ट किया कि 15,000 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट जनता के सीधे पैसे से नहीं, बल्कि टोल मॉडल पर आधारित होगा. वहीं लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यह सड़क जनता के टैक्स के पैसे से नहीं, बल्कि इसका इस्तेमाल करने वालों के सहयोग से बनेगी. यानी जितना सफर, उतना टोल (Pay as you use). सदन में विपक्ष भी ऑफ द रिकॉर्ड इस एक्सप्रेसवे की जरूरत को स्वीकार करता है.
क्यों खास है ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे? (सामान्य हाईवे से अंतर)
बता दें कि यह एक्सप्रेसवे शहरों या कस्बों के बीच से गुजरने के बजाय आबादी से दूर, खेतों और जंगलों के पास से एकदम सीधा निकाला जाएगा. इसमें हर जगह से एंट्री-एग्जिट नहीं होगी. तय प्वाइंट्स से ही वाहन चढ़-उतर सकेंगे. एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ बाड़ होगी, जिससे मवेशी या स्थानीय वाहन बीच में नहीं आएंगे और दुर्घटना का खतरा न के बराबर रहेगा. (जैसे मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग)
रूट मैप और तारीख का इंतजार
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी जबलपुर प्रवास के दौरान इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी. हालांकि, मध्य प्रदेश सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक रूट मैप और काम शुरू होने की तारीख का ऐलान नहीं किया गया है, जिसका जनता को बेसब्री से इंतजार है. इस एक्सप्रेसवे के बनने से न सिर्फ आम यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि जिन ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों से यह गुजरेगा, वहां जमीन अधिग्रहण से किसानों को बेहतर मुआवजा मिलने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.


