Bihar Weather Update 22 September 2026: बिहार में 22 सितंबर से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 22 सितंबर को राज्य के दक्षिण-पश्चिम हिस्सों में कुछ स्थानों पर मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है. वहीं अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है.
22 सितंबर को बिहार में कैसा रहेगा मौसम
मंगलवार, 22 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है. मौसम केंद्र के सात दिवसीय पूर्वानुमान में उत्तर-पश्चिम बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में एक या दो स्थानों पर बारिश की संभावना जताई गई है. उत्तर-मध्य बिहार के मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी में भी एक या दो स्थानों पर बारिश हो सकती है.
उत्तर-पूर्व बिहार के सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा और सहरसा में भी एक या दो स्थानों पर बारिश की संभावना है. दक्षिण-पश्चिम बिहार के रोहतास, भभुआ, भोजपुर, बक्सर, अरवल और औरंगाबाद में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. दक्षिण-मध्य बिहार में पटना, नालंदा, जहानाबाद, नवादा, गया, लखीसराय, शेखपुरा और बेगूसराय तथा दक्षिण-पूर्व बिहार में जमुई, मुंगेर, बांका, खगड़िया और भागलपुर में भी कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना बताई गई है.
इन जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी
22 सितंबर के लिए विशेष मौसम चेतावनी दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिलों के लिए है. यहां कुछ स्थानों पर मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवा चलने की संभावना है. दक्षिण-पश्चिम बिहार के अंतर्गत रोहतास, भभुआ, भोजपुर, बक्सर, अरवल और औरंगाबाद जिले आते हैं.
23 सितंबर से बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 23 सितंबर को बांका, जमुई और किशनगंज में अधिकांश स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. 24 सितंबर को अररिया, भागलपुर, जहानाबाद, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मधेपुरा, मुंगेर, पूर्णिया, सहरसा और शेखपुरा में भारी बारिश की संभावना है, जबकि बांका, गया, जमुई और नवादा में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
25 सितंबर को अरवल, भोजपुर, बक्सर, जहानाबाद, नालंदा और पटना में भारी बारिश तथा औरंगाबाद, गया और रोहतास में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है. 26 सितंबर को औरंगाबाद, भभुआ, भोजपुर, बक्सर और रोहतास में अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है. 27 सितंबर को पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और पश्चिमी चंपारण में अधिकांश स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
तापमान में भी आएगी गिरावट
22 सितंबर को बिहार के अलग-अलग हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य तौर पर 32 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. अगले 2 से 3 दिनों तक अधिकतम तापमान में खास बदलाव नहीं होने का अनुमान है, इसके बाद अगले तीन दिनों में 3 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट की संभावना है. न्यूनतम तापमान में भी शुरुआती तीन दिनों में विशेष बदलाव नहीं होगा और उसके बाद 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट का अनुमान है.
बारिश और वज्रपात का क्या असर हो सकता है
मेघ गर्जन, वज्रपात और बारिश के दौरान जान-माल तथा पशुओं को नुकसान का खतरा हो सकता है. भारी बारिश के दौरान नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और शहरों के निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है.
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
गरज-चमक या वज्रपात के समय खुले मैदान में रहने से बचें और जल्द से जल्द किसी पक्के मकान में शरण लें. ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें. बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से भी दूर रहें. भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों पर विशेष सावधानी बरतना जरूरी है. मौसम की स्थिति में बदलाव होने पर ताजा आधिकारिक अपडेट देखते रहें.
Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम विज्ञान केंद्र पटना
FAQs
1. 22 सितंबर 2026 को बिहार में मौसम कैसा रहेगा?
22 सितंबर को कई इलाकों में बारिश की संभावना है, जबकि दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ स्थानों पर गरज, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की तेज हवा का खतरा रहेगा.
2. 22 सितंबर को किन जिलों में तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी है?
दक्षिण-पश्चिम बिहार के रोहतास, भभुआ, भोजपुर, बक्सर, अरवल और औरंगाबाद जिले इस क्षेत्र में आते हैं जहां कुछ स्थानों पर ऐसी स्थिति बन सकती है.
3. बिहार में भारी बारिश कब बढ़ सकती है?
23 सितंबर से बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना है. 24 सितंबर से कई जिलों में भारी और कुछ जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान है.
4. क्या तापमान में भी बदलाव होगा?
अगले 2 से 3 दिनों में खास बदलाव की संभावना नहीं है. इसके बाद अधिकतम तापमान में 3 से 7 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट का अनुमान है.
5. वज्रपात के समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?
खुले स्थान से तुरंत पक्के मकान में जाएं. ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखें.


