गाजीपुर: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर के विकास की प्रक्रिया अब तेज हो गई है. परियोजना के लिए जरूरी 97 फीसदी भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है. वहीं, औद्योगिक प्लॉटों का लेआउट भी तैयार कर लिया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, अगले 10 से 15 दिनों में प्लॉट आवंटन के लिए पोर्टल खोले जाने की संभावना है.
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक लोकेंद्र कुमार ने बताया कि मुहम्मदाबाद क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे करीब 1,024 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना है. इस परियोजना में सोनाड़ी समेत आसपास के चक मऊजा के करीब 13 गांव शामिल हैं. औद्योगिक कॉरिडोर को विकसित करने की जिम्मेदारी यूपीडा की है.
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निवेशकों को मिलेगी प्लॉट की पूरी जानकारी
जीएम डीआईसी लोकेंद्र कुमार के अनुसार, औद्योगिक गलियारे में प्लॉटिंग, उनकी लोकेशन और अन्य जरूरी जानकारियां निवेशकों और औद्योगिक इकाइयों को उपलब्ध कराने में जिला उद्योग केंद्र सहयोग करेगा. वहीं, औद्योगिक कॉरिडोर का नियंत्रण यूपीडा के अधीन रहेगा.
सड़क निर्माण से शुरू होगा विकास कार्य
औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए अधिग्रहित भूमि पर अब बुनियादी ढांचा तैयार करने की तैयारी शुरू हो गई है. अधिकारियों के अनुसार, उद्यम स्थापित होने से पहले सड़क निर्माण कराया जाएगा. इसके बाद पावर हाउस, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी से बढ़ेगा निवेश
हैदरिया से लखनऊ तक करीब 340 किलोमीटर लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर से क्षेत्र में निवेश बढ़ने की उम्मीद है. बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से उद्योगों को कच्चा माल लाने और तैयार उत्पाद दूसरे बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा मिल सकती है. अधिकारियों का कहना है कि परियोजना के पूरी तरह विकसित होने के बाद गाजीपुर के साथ वाराणसी और आसपास के जिलों को भी इसका लाभ मिल सकता है. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
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