अब तक आपने सोलर पैनल से बिजली बनते देखी होगी, पानी से बिजली बनने के बारे में भी सुना होगा, लेकिन अब वैज्ञानिकों ने ऐसा तरीका खोज निकाला है जिसमें हवा की नमी से बिजली तैयार की जा सकती है.
ब्रिटेन की Queen Mary University समेत कई संस्थानों के वैज्ञानिकों ने मिलकर एक खास डिवाइस तैयार किया है, जिसे Moisture Electric Generator (MEG) नाम दिया गया है. यह मशीन वातावरण में मौजूद नमी को ऊर्जा में बदलने का काम करती है.
सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस तकनीक में किसी महंगे मटेरियल का इस्तेमाल नहीं हुआ. वैज्ञानिकों ने जिलेटिन, साधारण नमक और activated charcoal जैसी रोजमर्रा की चीजों की मदद से यह सिस्टम तैयार किया है.
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कैसे बनती है हवा से बिजली?
वैज्ञानिकों के अनुसार यह डिवाइस हवा में मौजूद water molecules को पकड़ता है. इसके बाद material के अंदर ions की movement शुरू होती है, जिससे electric current पैदा होता है.
रिसर्च टीम का कहना है कि इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसकी stability है. यह डिवाइस 30 दिनों से ज्यादा समय तक लगातार बिजली पैदा करने में सफल रहा.
छोटे उपकरण भी चलाए गए
रिपोर्ट्स के मुताबिक वैज्ञानिकों ने कई units को जोड़कर लगभग 90 volts तक बिजली पैदा की. इससे LED lights और छोटे electronic devices चलाने में सफलता मिली.
शोधकर्ताओं का मानना है कि आने वाले समय में यह तकनीक wearable gadgets, sensors और छोटे smart devices में इस्तेमाल हो सकती है.
क्यों खास मानी जा रही है यह तकनीक?
आज पूरी दुनिया clean energy की तरफ तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में यह नई खोज इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि:
- इसमें प्रदूषण नहीं होता
- बैटरी की जरूरत कम हो सकती है
- कम लागत वाली सामग्री इस्तेमाल हुई है
- और यह renewable energy का नया विकल्प बन सकती है.
विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में अगर इस तकनीक को बड़े स्तर पर विकसित किया गया तो यह remote areas और low-power devices के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है.
पहले भी हो चुकी है ऐसी रिसर्च
हाल के वर्षों में moisture electricity generation पर कई देशों में रिसर्च हुई है. इससे पहले Singapore और China के वैज्ञानिक भी हवा की नमी से बिजली बनाने वाले prototypes तैयार कर चुके हैं.
हालांकि नई रिसर्च में biodegradable और food-grade materials के इस्तेमाल ने इसे और ज्यादा चर्चा में ला दिया है.
भविष्य में क्या बदल सकता है?
अगर यह तकनीक commercial level तक पहुंचती है तो आने वाले समय में ऐसे devices देखने को मिल सकते हैं जो:
- हवा की नमी से खुद चार्ज होंगे
- बार-बार charging की जरूरत कम करेंगे
- और wearable electronics को लगातार power दे पाएंगे.
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह technology अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसके नतीजों ने renewable energy sector में नई उम्मीद जरूर पैदा कर दी है.
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