ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है, जिसमें एक उपभोक्ता को ‘फ्रॉड यूजर’ बताना एक बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी को भारी पड़ गया. उपभोक्ता आयोग ने मामले की सुनवाई के बाद कंपनी को ग्राहक को मुआवजा देने का आदेश दिया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राहक ने FirstCry से एक ट्राइसाइकिल ऑर्डर की थी. बाद में ऑर्डर को रद्द कर दिया गया, लेकिन विवाद तब बढ़ा जब ग्राहक को पता चला कि कंपनी की ओर से उसे आंतरिक रिकॉर्ड में ‘फ्रॉड यूजर’ के रूप में चिह्नित किया गया था.
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क्या था पूरा मामला
शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसका ऑर्डर बिना किसी उचित कारण के रद्द कर दिया गया. इसके साथ ही भुगतान की गई राशि भी समय पर वापस नहीं की गई. ग्राहक ने इसे अनुचित व्यापारिक व्यवहार बताते हुए उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया.
सुनवाई के दौरान कंपनी ने अपने पक्ष में कुछ दलीलें पेश कीं, लेकिन आयोग ने पाया कि ग्राहक को ‘फ्रॉड यूजर’ बताने के लिए पर्याप्त आधार प्रस्तुत नहीं किया गया. आयोग ने इस कार्रवाई को अनुचित माना.
आयोग ने क्या कहा
उपभोक्ता आयोग ने अपने आदेश में कहा कि किसी ग्राहक को बिना पर्याप्त सबूत के फ्रॉड की श्रेणी में डालना उसके अधिकारों का उल्लंघन माना जा सकता है. आयोग ने यह भी माना कि इस तरह की कार्रवाई से ग्राहक को मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा.
कितना मुआवजा देना होगा
आयोग ने FirstCry को ग्राहक को 50,000 रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया. इसके अलावा ट्राइसाइकिल की राशि 2,130 रुपये भी ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया गया.
ऑनलाइन खरीदारी करने वालों के लिए सबक
यह मामला उन उपभोक्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण है जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से खरीदारी करते हैं. यदि किसी ग्राहक को बिना कारण ऑर्डर रद्द होने, रिफंड में देरी या अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़ता है, तो वह उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत शिकायत दर्ज करा सकता है.
भारत में ई-कॉमर्स का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और ऐसे मामलों में उपभोक्ता आयोगों के फैसले ग्राहकों के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जाते हैं.
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FAQs
Q. FirstCry मामले में ग्राहक ने क्या खरीदा था?
ग्राहक ने एक ट्राइसाइकिल ऑर्डर की थी, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया था.
Q. आयोग ने कितने मुआवजे का आदेश दिया?
उपभोक्ता आयोग ने 50,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया.
Q. क्या रिफंड भी देने का आदेश दिया गया?
हां, 2,130 रुपये की राशि ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया गया.
Q. ग्राहक को फ्रॉड यूजर क्यों बताया गया था?
कंपनी ने ग्राहक को आंतरिक रूप से फ्रॉड यूजर के रूप में चिह्नित किया था, लेकिन आयोग को इसके समर्थन में पर्याप्त आधार नहीं मिला.


